

गुवाहाटी : असम के श्रीभूमि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जिले में दो अलग-अलग अभियानों के दौरान पुलिस ने करीब दो करोड़ रुपये मूल्य की 20,000 याबा गोलियां जब्त की हैं। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार रात सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी देते हुए श्रीभूमि पुलिस की कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि असम पुलिस की मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है और राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस के अनुसार, श्रीभूमि जिले में खुफिया सूचनाओं के आधार पर दो अलग-अलग एंटी-नारकोटिक्स अभियान चलाए गए। इन कार्रवाइयों में कुल 20,000 याबा टैबलेट बरामद किए गए। जब्त किए गए मादक पदार्थों का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 2 करोड़ रुपये बताया गया है। इन दोनों कार्रवाइयों में कुल चार संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बरामद याबा की खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था।
क्या है याबा?
याबा एक सिंथेटिक नशीली गोली है, जिसमें मुख्य रूप से मेथामफेटामाइन और कैफीन पाया जाता है। इसे थाईलैंड में आम तौर पर ‘क्रेजी मेडिसिन’ के नाम से भी जाना जाता है। मेथामफेटामाइन भारत के नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटांसेज (NDPS) एक्ट, 1985 की मनोविकारी पदार्थों की सूची में शामिल है। इस प्रकार के पदार्थों की अवैध बिक्री, खरीद, कब्जा, परिवहन और तस्करी पर NDPS कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की उपलब्ध अद्यतन जानकारी में भी मेथामफेटामाइन को मनोविकारी पदार्थों की सूची में दर्ज किया गया है।
पूर्वोत्तर में तस्करी पर पुलिस की नजर
श्रीभूमि में हुई यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब असम पुलिस राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार अभियान चला रही है। हाल के दिनों में भी श्रीभूमि और आसपास के इलाकों में याबा की बड़ी खेप पकड़ी गई है। 4 सितंबर को भी श्रीभूमि के बदरपुर इलाके में पुलिस ने दो वाहनों को रोककर 14,000 याबा टैबलेट, जिनकी अनुमानित कीमत 1.40 करोड़ रुपये थी, जब्त करने का दावा किया था। उस मामले में पांच लोगों को पकड़ा गया था। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने ताजा कार्रवाई के बाद तस्करों को चेतावनी देते हुए कहा कि असम में मादक पदार्थ लाने से पहले उन्हें दो बार सोचना चाहिए। पुलिस का कहना है कि हालिया कार्रवाई के बाद अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और याबा की सप्लाई चेन का पता लगाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, चारों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसियां जब्त की गई याबा की खेप के स्रोत, गंतव्य और तस्करी नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं। यह भी जांच की जा रही है कि इस खेप के पीछे कोई बड़ा संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है। असम पुलिस ने हाल के महीनों में राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान तेज किया है और श्रीभूमि, कछार तथा अन्य सीमावर्ती इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।