कोलकाता : सशक्त नारी ही सशक्त समाज की नींव होती है। जब महिलाएं अपने भीतर छिपी प्रतिभा, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को पहचानती हैं, तभी समाज नई ऊंचाइयों को छूता है। इसी सोच को साकार रूप देने के लिए सन्मार्ग की ओर से एवं रमेश चंद्र पारेख ज्वैलर्स द्वारा प्रायोजित ‘ग्लैम क्वीन व ग्लैम प्रिंसेस’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम केवल सौंदर्य या मंच प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह महिला आत्मबल, आत्मसम्मान और सामाजिक भागीदारी का जीवंत मंच बना।
इसमें गुजराती और मारवाड़ी समाज की महिलाओं ने पूरे आत्मविश्वास के साथ भाग लेकर यह संदेश दिया कि आज की नारी परंपरा और आधुनिकता दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। द ललित ग्रेट इस्टर्न कोलकाता में आयेाजित हुए इस कार्यक्रम के पहले संस्करण में ग्लैम क्वीन कैटेगरी में कीर्ति कोठारी और ग्लैम प्रिंसेस कैटेगरी में तिशा शाह विजेता रहीं और उन्होंने चमकते ताज अपने नाम कर लिये। ग्लैम क्वीन की पहली रनरअप मालविका सिंघी और दूसरी रनरअप मनीषा खंडेलवाल रहीं और ग्लैम प्रिंसेस की पहली रनरअप तनिशा दानी और दूसरी रनरअप दीपल दुगड़ बनीं।
ग्लैम क्वीन व प्रिंसेस ने यह साबित कर दिया कि आज की महिलाएं किसी एक भूमिका में बंधी नहीं हैं। इस कार्यक्रम का भव्य फिनाले गत 23 दिसंबर को संपन्न हुआ, जिसमें जूरी मेंबर्स के तौर पर नंदिता डागा, भावना हिमानी, ऋचा शर्मा, मोना पारेख और राधिका नवलखा अग्रवाल मौजूद रहीं। कार्यक्रम के दौरान सन्मार्ग के सीएमडी विवेक गुप्त व सन्मार्ग की प्रेसिडेंट रुचिका गुप्त भी खास तौर पर मौजूद थीं। ऑडिशन के बाद कुल 42 महिलाओं को फिनाले के लिए चुना गया था, जिसमें जूरी द्वारा टॉप 16 को सेलेक्ट किया गया। उसी में शामिल थी हमारी ग्लैम क्वीन व ग्लैम प्रिंसेस।
इसके अलावा ट्रांसफॉर्मेशन क्लीव, रेडियंस क्वीन और सेल्फी क्वीन जैसी अलग-अलग कैटेगरी में प्रतिभागियाें को विशेष पुरस्कार भी प्रदान किए गए। यह मंच महिलाओं के सपनों को उड़ान देने वाला मंच रहा। भले ही विजेता का ताज कुछ महिलाओं के सिर सजा, मगर आयोजन में शामिल सभी महिलाएं खुद में एक ताज, एक प्रेरणा और आत्मविश्वास की मिसाल थीं। विजेताओं काे 51,000 की राशि और पहली और दूसरी रनरअप को क्रमशः 11,000 व 21,000 की राशि प्रदान की गई। कार्यक्रम का संचालन अनाएशा घोष ने किया। कार्यक्रम में लॉटरी का भी आयोजन किया गया, जिसमें ज्योती समसुखा विजेता बनीं।