मसौदा विनियम वापस लें, अंडमान को मिले केंद्रीय विश्वविद्यालय : जिला कांग्रेस अध्यक्ष

केंद्रीय विश्वविद्यालय की मांग तेज, कांग्रेस ने उठाया मुद्दा
मसौदा विनियम वापस लें, अंडमान को मिले केंद्रीय विश्वविद्यालय : जिला कांग्रेस अध्यक्ष
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : दक्षिण अंडमान जिला कांग्रेस अध्यक्ष जॉन रॉबर्ट बाबू ने अंडमान एवं निकोबार प्रशासन द्वारा निजी कॉलेजों की स्थापना से संबंधित प्रकाशित मसौदा विनियम (ड्राफ्ट रेगुलेशन) का कड़ा विरोध करते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को निजी कॉलेजों के लिए नियम बनाने के बजाय द्वीपसमूह में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना पर पूरा ध्यान केंद्रित करना चाहिए।मीडिया से बातचीत करते हुए बाबू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पिछले कई दिनों से विभिन्न मंचों पर इस मुद्दे को लगातार उठा रही है। उन्होंने कहा कि जिस समय पूरे अंडमान-निकोबार के छात्र, अभिभावक, विभिन्न राजनीतिक दल तथा जनप्रतिनिधि द्वीपसमूह में केंद्रीय विश्वविद्यालय की मांग कर रहे हैं, उसी समय प्रशासन द्वारा निजी कॉलेजों के लिए मसौदा विनियम जारी कर जनता से दावे एवं आपत्तियां आमंत्रित करना समझ से परे है।उन्होंने कहा कि अंडमान-निकोबार में जीवन-यापन की लागत पहले से ही काफी अधिक है और अधिकांश परिवार बड़ी कठिनाई से अपने बच्चों की शिक्षा का खर्च वहन करते हैं। ऐसे में निजी कॉलेजों को बढ़ावा देने से उच्च शिक्षा और महंगी हो सकती है, जिससे विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।जॉन रॉबर्ट बाबू ने कहा कि हाल ही में उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर विद्यार्थियों ने लंबे समय तक आंदोलन किया था। उनका कहना था कि छात्रों को पहले से ही फीस बढ़ने की आशंका है और ऐसे समय में निजी कॉलेजों के लिए मसौदा विनियम लाना लोगों के मन में सरकार की मंशा को लेकर संदेह पैदा करता है। उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में कहीं सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों के निजीकरण का रास्ता तो नहीं तैयार किया जा रहा है।उन्होंने यह भी कहा कि अंडमान-निकोबार के सांसद भी इस मसौदा विनियम का विरोध कर चुके हैं। ऐसे में उन्होंने स्थानीय भाजपा नेतृत्व से इस मुद्दे पर अपना स्पष्ट रुख सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सांसद इस प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं तो भाजपा को भी यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह इस मसौदा विनियम के पक्ष में है या विपक्ष में।दक्षिण अंडमान जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मसौदा विनियम का पुरजोर विरोध करती है और प्रशासन से आग्रह करती है कि इसे तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि अंडमान-निकोबार के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना ही सबसे बड़ी आवश्यकता है और प्रशासन को उसी दिशा में गंभीर प्रयास करने चाहिए।

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