

अंजलि भाटिया
नई दिल्ली : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हुए इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक करार दिया है। उनका आरोप है कि SIR को एक निष्पक्ष प्रशासनिक प्रक्रिया की तरह पेश किया जा रहा है, लेकिन ज़मीनी हकीकत में यह सुनियोजित, संगठित और रणनीतिक वोट चोरी का औज़ार बन चुका है।
राहुल गांधी का कहना है कि गुजरात में SIR के नाम पर जो हो रहा है, वह सामान्य सत्यापन प्रक्रिया नहीं है। सबसे गंभीर पहलू यह है कि एक ही नाम या एक ही पहचान से हजारों आपत्तियाँ दर्ज की गईं, जो यह संकेत देता है कि यह प्रक्रिया स्वाभाविक नहीं, बल्कि निर्देशित है। उनका आरोप है कि चुन-चुनकर खास सामाजिक वर्गों और कांग्रेस समर्थक इलाकों के मतदाताओं को निशाना बनाया गया।
राहुल गांधी के मुताबिक, जहाँ-जहाँ भाजपा को चुनावी हार की आशंका दिखती है, वहाँ मतदाताओं को ही मतदाता सूची से बाहर करने की कोशिश की जाती है। उन्होंने दावा किया कि यही पैटर्न पहले आलंद और राजुरा में देखा गया और अब वही ब्लूप्रिंट गुजरात, राजस्थान समेत अन्य राज्यों में दोहराया जा रहा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि SIR को “एक व्यक्ति, एक वोट” के संवैधानिक अधिकार को कमजोर करने के हथियार में बदला जा रहा है। लोकतंत्र में जनता तय करती है कि सत्ता में कौन रहेगा, लेकिन इस प्रक्रिया के ज़रिये यह अधिकार जनता से छीनकर सत्ता पक्ष के हित में इस्तेमाल किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि चुनाव आयोग का काम लोकतंत्र की रक्षा करना है, लेकिन मौजूदा हालात में वह या तो मूकदर्शक बना हुआ है या फिर इस पूरी प्रक्रिया में सहभागी दिख रहा है। उन्होंने मांग की कि SIR की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए, प्रभावित मतदाताओं को पूरा अवसर दिया जाए और स्वतंत्र निगरानी सुनिश्चित की जाए। राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि अगर मतदाता सूची से छेड़छाड़ को रोका नहीं गया, तो इसका असर सिर्फ किसी एक पार्टी पर नहीं, बल्कि पूरे भारतीय लोकतंत्र की विश्वसनीयता पर पड़ेगा।