

पटना : जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने NEET-UG पेपर लीक मामले, खान सर कोचिंग सेंटर फायरिंग केस और बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की समस्या कोई नई या अलग-थलग घटना नहीं है, बल्कि यह शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी एक गंभीर और व्यवस्थागत समस्या बन चुकी है।
NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले 10 से 15 वर्षों में कोचिंग संस्थानों का प्रभाव इतना बढ़ गया है कि वे छात्रों को आकर्षित करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि शायद ही कोई ऐसी प्रतियोगी परीक्षा बची हो जिसका पेपर लीक न हुआ हो। दो साल पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर NEET पेपर लीक का मामला सामने आया था और अब फिर ऐसी घटनाएं हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि जब तक सरकार शिक्षा व्यवस्था में कोचिंग संस्थानों के बढ़ते प्रभाव को नियंत्रित नहीं करेगी, तब तक पेपर लीक की घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं। सरकार चाहे कितने भी दावे करे, व्यवस्था में सुधार किए बिना समाधान संभव नहीं है।
खान सर के खिलाफ दर्ज एफआईआर और गिरफ्तारी की मांग पर पूछे गए सवाल के जवाब में प्रशांत किशोर ने कहा कि यह कोचिंग संस्थानों के बीच का विवाद और आपसी मामला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है, इसलिए वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा कि यह सिर्फ एक सीट का चुनाव नहीं है, बल्कि बीजेपी के लिए एक बड़ी राजनीतिक परीक्षा है। उन्होंने कहा कि बांकीपुर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट है और पिछले चार दशकों में वहां बीजेपी को कोई दल या नेता पराजित नहीं कर पाया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि 2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए ने जनता से बड़े-बड़े वादे कर सत्ता हासिल की थी। उनके मुताबिक अब बांकीपुर उपचुनाव उन वादों पर जनता की राय जानने का अवसर होगा। उन्होंने कहा कि रोजगार, शिक्षा, पलायन रोकने और आर्थिक सहायता जैसे मुद्दों पर जनता अपना फैसला सुनाएगी।
प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज पूरी ताकत के साथ बांकीपुर उपचुनाव लड़ेगा। उनका दावा है कि यह चुनाव बिहार में बदलाव की चाह रखने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है और जनता बीजेपी व एनडीए को उनके वादों के आधार पर जवाब देगी।