

यरुशलम : इजराइल में मंगलवार को मतदान केंद्रों के खुलने के साथ ही हजारों स्वयंसेवी चुनाव पर्यवेक्षक देशभर के मतदान केंद्रों पर तैनात हो गए, ताकि चुनाव प्रक्रिया पर नजर रखी जा सके। इयाल शेर ने कहा कि उन्होंने इस साल ‘इलेक्शंस गार्ड्स’ नामक नागरिक समाज समूह के साथ स्वयंसेवक के तौर पर काम करने का फैसला किया, क्योंकि वह इतने महत्वपूर्ण चुनाव में अपनी भूमिका निभाना चाहते थे। शेर ने कहा, “हमारे पास एक भ्रष्ट सरकार है, जो सत्ता में बने रहने के लिए कुछ भी करेगी। नेतन्याहू करीब दो दशक से इजराइल की राजनीति में सर्वाधिक प्रभावशाली नेता रहे हैं। चुनाव में खराब प्रदर्शन उनके लंबे राजनीतिक करियर का कड़वाहट भरा अंत कर सकता है और इजराइली राजनीति में एक नए दौर का रास्ता खोल सकता है। वहीं, जीत से उनकी छवि ऐसे नेता के रूप में और मजबूत होगी, जो राजनीतिक चुनौतियों से उबरकर सत्ता में बने रहने में माहिर है। जनमत सर्वेक्षणों से संकेत मिलता है कि इस बार उनके गठबंधन और उनके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी, पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजेनकोट के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला है।