वी.के. अब्दुल अजीज ने ग्रुप-सी भर्ती की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग उठाई

फेरारगंज मिनी पेट्रोल पंप का मुद्दा भी मुख्य सचिव के समक्ष रखा
वी.के. अब्दुल अजीज ने ग्रुप-सी भर्ती की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग उठाई
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श्री विजयपुरम : दक्षिण अंडमान जिला परिषद सदस्य वी.के. अब्दुल अज़ीज़ ने अंडमान एवं निकोबार प्रशासन से ग्रुप-सी भर्ती पदों के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि ओबीसी और ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र जारी होने में हो रही देरी के कारण अनेक योग्य अभ्यर्थियों को आवेदन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। 24 जून को एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए अज़ीज़ ने बताया कि उन्होंने हाल ही में मुख्य सचिव से मुलाकात कर बेरोजगार युवाओं तथा फेरारगंज क्षेत्र के निवासियों से जुड़े दो महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि ग्रुप-सी पदों के लिए आवेदन करने वाले अनेक उम्मीदवार राजस्व विभाग के कार्यालयों में ओबीसी और ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र समय पर प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। प्रमाणपत्र जारी करने में हो रही देरी के कारण कई पात्र अभ्यर्थी सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने के अवसर से वंचित हो सकते हैं।

अज़ीज़ ने बताया कि उन्होंने मुख्य सचिव से अनुरोध किया है कि आवेदन की अंतिम तिथि कम से कम 10 से 15 दिनों के लिए बढ़ाई जाए, ताकि पात्र उम्मीदवार सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर सकें और समय पर आवेदन प्रस्तुत कर सकें। उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव ने इस विषय पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया कि यदि मामला वास्तविक पाया गया तो इस पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। अज़ीज़ ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासन द्वीपों के बेरोजगार युवाओं के हित में सकारात्मक निर्णय लेगा और आवेदन की समय-सीमा बढ़ाने पर गंभीरता से विचार करेगा। जिला परिषद सदस्य ने फेरारगंज तहसील में लंबे समय से तहसीलदार की अनुपस्थिति की समस्या का समाधान करने के लिए प्रशासन का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि तहसीलदार के पद पर अधिकारी उपलब्ध नहीं होने के कारण विद्यार्थियों तथा स्थानीय लोगों को विभिन्न प्रकार के प्रमाणपत्र और दस्तावेज प्राप्त करने में काफी परेशानी हो रही थी। विशेष रूप से मेडिकल रेफरल मामलों तथा भर्ती प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक दस्तावेज समय पर नहीं मिल पाने से लोगों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। अजीज ने बताया कि जनता से लगातार शिकायतें मिलने के बाद वह अपनी टीम के सदस्यों के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे थे। वहां बड़ी संख्या में छात्र एवं अन्य आवेदक एकत्रित थे और तहसीलदार की अनुपस्थिति के कारण घंटों इंतजार करने के बावजूद उनका कार्य नहीं हो पा रहा था। उन्होंने कहा कि प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करने के लिए सड़क अवरोध प्रदर्शन भी आयोजित किया गया था, जिसके बाद प्रशासन ने फेरारगंज में तहसीलदार की नियुक्ति कर दी।

उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव के समक्ष उठाया गया दूसरा प्रमुख मुद्दा फेरारगंज क्षेत्र में स्थित मिनी पेट्रोल पंप के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं होने से संबंधित था। श्री अज़ीज़ ने कहा कि पेट्रोल पंप बंद होने के कारण स्थानीय लोगों को ईंधन खरीदने के लिए लगभग 12 से 13 किलोमीटर दूर बम्बू फ्लैट तक जाना पड़ रहा है, जिससे आम नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस विषय को लेकर वह पहले भी एक प्रेस वार्ता कर चुके हैं तथा उसके बाद उन्होंने मुख्य सचिव को एक ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी। उनके अनुसार मुख्य सचिव ने बैठक के दौरान तुरंत संबंधित उपायुक्त (डीसी) से संपर्क किया और मामले पर चर्चा के लिए बैठक बुलाने के निर्देश दिए। अजीज ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि इस संबंध में बैठक निर्धारित कर दी गई है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस बैठक से कोई सकारात्मक समाधान निकलेगा और फेरारगंज क्षेत्र के निवासियों को लंबे समय से चली आ रही इस समस्या से राहत मिलेगी। उन्होंने प्रशासन द्वारा शुरू की गई जन शिकायत निवारण व्यवस्था की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से 4 बजे तक आम जनता से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आ रहा है। उनके अनुसार इस पहल से लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान हो रहा है और आम नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखने का प्रभावी अवसर मिल रहा है।


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