उग्रवादियों को ट्रेनिंग देने वाले वैनडाइक और 6 यूक्रेनी ‘रिहा’

जमानती बॉन्ड भरना होगा, एक महीने बाद भारत लौटकर कोर्ट को जानकारी देनी होगी!
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मैथ्यू एरॉन वैनडाइक रिहा !
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चुनाव, संस्थाओं की रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा में प्रधानमंत्री विफल : कांग्रेस

नयी दिल्ली : राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) के स्पेशल कोर्ट द्वारा पूर्वोत्तर राज्यों से आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किये गये अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक को रिहा कर दिया गया है। उसके साथ 6 अन्य यूक्रेनी नागरिकों को भी एक महीने की राहत देते हुए परिवार से मिलने की इजाजत दी गयी है। ये सभी अपने-अपने देश लौट सकेंगे। इन विदेशी नागरिकों पर म्यांमार के ट्रेनिंग कैंप में उग्रवादियों को हथियार-ड्रोन की ट्रेनिंग देने का आरोप भी है। NIA ने इन्हें गत मार्च में गिरफ्तार किया था। इस बीच इस फैसले को लेकर कांग्रेस ने आरोप लगाया गया है कि सरकार द्वारा यह कदम अमेरिकी दबाव में उठाया गया है। कांग्रेस ने पूछा कि इन नागरिकों को भारत का वीजा कैसे मिला और वे भारत के रास्ते म्यांमार कैसे पहुंचे।

भारत से मलेशिया भागने वाले थे

रिपोर्ट के अनुसार वैनडाइक सहित यूक्रेन के हुर्बा पेट्रो, स्लिवियाक तारास, इवान सुखमानोव्स्की, स्टेफानकिव मारियन, होंचारुक मैक्सिम उर्फ मैक्सिम और कामिन्स्की विक्टर भारत से मलेशिया भागने वाले थे। इससे पहले कि ये देश से बाहर निकल पाते इन्हें कोलकाता, लखनऊ और दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया। कोर्ट ने कहा कि विदेशी नागरिकों को परिवार से मिलने देना सांविधानिक अधिकार है। इन्हें जमानती बॉन्ड भरना होगा और एक महीने बाद भारत लौटकर कोर्ट को जानकारी देनी होगी।

वैनडाइक है मास्टरमाइंड

मैथ्यू एरॉन वैनडाइक अमेरिका के मैरीलैंड के बाल्टीमोर का रहने वाला है। वह एक भाड़े का सिपाही, डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर, सुरक्षा विश्लेषक और ‘सन्स ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल (SOLI)’ नाम की संस्था के संस्थापक है। उसने वॉर कॉरस्पोंडेंट और बिजनेसमैन के तौर पर भी काम किया है। वह पहली बार 2011 में लीबिया के गृहयुद्ध के दौरान चर्चा में आया, जब वहां मुअम्मर गद्दाफी के शासन के खिलाफ विद्रोही बलों में शामिल हुआ। इसके बाद उसने इराक में ISIS के खिलाफ लड़ाई लड़ी, सीरिया में बगावत में मदद की और 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान यूक्रेन में लोगों को ट्रेनिंग दी।

टूरिस्ट वीजा पर भारत आये थे, रूसी इनपुट पर पकड़े गये

ये सातों विदेशी नागरिक गत मार्च में रूस से मिली सूचना के आधार पर गिरफ्तार किये गये थे। ये कई बार ट्रेनिंग देने आ चुके हैं। ये लोग टूरिस्ट वीजा पर भारत आये थे। ये इस बार गुवाहाटी पहुंचे और फिर मिजोरम से अवैध रूप से म्यांमार में घुस गये।

जांच जारी रहेगी : NIA

NIA ने कोर्ट को बताया कि मामले की जांच जारी है। फिलहाल जांच में अभियुक्तों की तत्काल मौजूदगी जरूरी नहीं है। NIA ने UAPA की धारा 18 (आतंकी गतिविधि की साजिश/प्रयास आदि से संबंधित) और BNS की कुछ धाराएं लगायी थीं। आरोपपत्र के अनुसार, UAPA के तहत जांच पूरी हो चुकी है, लेकिन ड्रोन, बड़ी संख्या में डिजिटल डिवाइस और अन्य सामग्री की जांच अभी जारी है। वैनडाइक पर इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट के तहत लगे अपराधों को हटाने की अर्जी भी मंजूर की गयी है।

भारत को बदले में क्या मिला? : कांग्रेस

इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस ने तंज कसा कि हमारे ‘कॉम्प्रोमाइज्ड PM ने एक बार फिर से वही किया।’आखिर भारत को इसके बदले में क्या मिला? कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि NIA की तरफ से कहा गया है कि यह सभी भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल थे। इसके बाद अमेरिकी विदेशमंत्री मार्को रुबियो के भारत दौरे के समय अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री के सामने यह मुद्दा उठाया। आठ सितंबर को अचानक से वैनडाइक से UAPA हटा दिया गया, 24 सितंबर को उसे रिहा कर दिया गया।

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