

तेहरान : ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि फिलहाल ईरान और अमेरिका के बीच कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है। दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान जारी है। उन्होंने कहा कि बातचीत के लिए माहौल तैयार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस बीच, यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के जिजान प्रांत में सऊदी अरामको की तेल सुविधा पर हमले का दावा किया है। हमले के बाद वहां आग लग गई। सऊदी अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है।
होर्मुज खोलने के लिए ईरान की शर्तें
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए कई शर्तें रखी हैं। इनमें अमेरिका की नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करना, क्षेत्र में सैन्य दबाव कम करना और युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा शामिल है। ईरान ने यह भी कहा है कि अमेरिका की अन्य शर्तें पूरी होने के बाद ही जलमार्ग को फिर से खोला जाएगा।
हूतियों ने सऊदी तेल संयंत्र पर हमले का दावा किया
ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने रविवार को सऊदी अरब के जाजान स्थित अरामको रिफाइनरी पर ड्रोन हमले का दावा किया। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि रिफाइनरी में आग लगी थी, जिसे बाद में बुझा दिया गया। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। यह हमला सऊदी अरब द्वारा तुर्किये और पाकिस्तान के साथ रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर करने के दो दिन बाद हुआ है। हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि रिफाइनरी को ड्रोन से निशाना बनाया गया।
अमेरिका चाहता है निर्बाध वाणिज्यिक आवाजाही
अमेरिका की मांग है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से वाणिज्यिक जहाजों की निर्बाध आवाजाही बहाल हो। अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, ईरान और ओमान के बीच बातचीत में प्रगति हुई है और जल्द समझौता होने की उम्मीद है। अधिकारी ने कहा कि वाणिज्यिक जहाजरानी बिना बाधा बहाल करने का समझौता घोषित होने के बाद अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटा देगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी कह चुके हैं कि अमेरिकी नौसेना नाकाबंदी का नेतृत्व कर रही है और इसका नियंत्रण वाशिंगटन के पास है।