

वाशिंगटन : अमेरिकी बलों ने रविवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी रॉकेट लॉन्चरों पर हमला किया। पिछले एक महीने में ईरान के खिलाफ अमेरिका की यह पहली सैन्य कार्रवाई है। छह महीने से अधिक समय से रुक-रुककर जारी युद्ध के बीच कुछ समय से बनी शांति इस हमले के बाद फिर भंग हो गई। ‘यूएस सेंट्रल कमांड’ के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स ने बताया कि ईरान के ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ के जवानों को होर्मुज जलडमरूमध्य में रॉकेट दागने और समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की तैयारी करते देखा गया था। अमेरिकी सेना ने पिछले सप्ताह ही जलडमरूमध्य के अंतरराष्ट्रीय नौवहन मार्गों से समुद्री बारूदी सुरंगें हटाने का अभियान पूरा किया था। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसियों ने बताया कि जलडमरूमध्य में लारक द्वीप के पास कई विस्फोटों की आवाज सुनी गई। ईरानी सरकारी प्रसारक पर प्रसारित बयान में रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि उसके कई लड़ाके और नागरिक मारे गए तथा घायल हुए हैं। बाद में ईरानी सरकारी टेलीविजन ने दावा किया कि अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसने अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली आठ मिसाइलों को नष्ट कर दिया। अमेरिका ने 29 जुलाई को भी ईरान के तटीय निगरानी और रक्षा प्रतिष्ठानों समेत रिवोल्यूशनरी गार्ड के ठिकानों पर हमले किए थे। हालांकि, एक अगस्त को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खाड़ी सहयोगी देशों के आग्रह पर ईरान के खिलाफ हमले फिलहाल रोकने का आदेश दिया था।