

वाशिंगटन : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में बच्चे को जन्म देकर उसे यहां की नागरिकता दिलाने के उद्देश्य से विदेशियों के ‘बर्थ टूरिज्म’ (जन्म पर्यटन) के मामलों पर सख्ती करने और जन्म के आधार पर अमेरिकी नागरिकता पाने के पात्र लोगों की संख्या सीमित करने के लिए दो कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए हैं। पहला आदेश व्यावसायिक रूप से ‘बर्थ टूरिज्म’ का लाभ उठाने वालों को निशाना बनाता है, जबकि दूसरा आदेश जन्म के आधार पर अमेरिकी नागरिकता के लिए अयोग्य लोगों की श्रेणी का विस्तार करता है। इसमें विदेशी सरकारों की ओर से पैरवी करने वाले विदेशी नागरिकों के बच्चों को भी शामिल किया गया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब 30 जून को अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने ट्रंप के जन्मसिद्ध नागरिकता समाप्त करने संबंधी पुराने आदेश को खारिज कर दिया था और कहा था कि अमेरिका में जन्म लेने वाले लगभग सभी लोग संवैधानिक रूप से अमेरिकी नागरिक हैं। ट्रंप ने अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ के ‘ओवल ऑफिस’ में इन आदेशों पर हस्ताक्षर करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उच्चतम न्यायालय के 30 जून के फैसले की आलोचना की और कहा कि उच्चतम न्यायालय का फैसला बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था इसलिए हम इसमें बदलाव कर रहे हैं। इस दौरान ट्रंप के साथ ‘व्हाइट हाउस’ के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ अधिकारी स्टीफन मिलर, वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीयर और व्हाइट हाउस स्टाफ सचिव विल शार्फ मौजूद थे। ‘माइग्रेशन पॉलिसी इंस्टीट्यूट’ के अनुसार, सबसे व्यापक जनगणना आधारित अनुमान के मुताबिक हर वर्ष अमेरिका में 22,000 से 26,000 बच्चों का जन्म ‘बर्थ टूरिज्म’ के कारण होता है।