अंडमान निकोबार कमान के संयुक्त अभियान में समुद्र में फंसे दो मछुआरों की सकुशल बचाई गई जान

अंडमान निकोबार कमान के संयुक्त अभियान में समुद्र में फंसे दो मछुआरों की सकुशल बचाई गई जान
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : समुद्र में संकटग्रस्त लोगों की सुरक्षा के प्रति अपनी तत्परता का परिचय देते हुए अंडमान निकोबार कमान के अंतर्गत तैनात भारतीय नौसेना एवं भारतीय तटरक्षक बल ने संयुक्त खोज एवं बचाव अभियान चलाकर समुद्र में लगभग तीन दिनों तक फंसे रहे दो मछुआरों को सकुशल बचा लिया। इंजन खराब हो जाने के कारण उनकी मछली पकड़ने वाली नाव समुद्र की ऊंची लहरों और खराब मौसम के बीच बहाव में फंस गई थी।

बचाए गए मछुआरों की पहचान 34 वर्षीय अमरेंद्र हलदार तथा 40 वर्षीय परिमल राय के रूप में हुई है। दोनों अंडमान एवं निकोबार में पंजीकृत मछली पकड़ने वाली नौका डीप पर सवार होकर मछली पकड़ने गए थे।

जानकारी के अनुसार 13 जुलाई 2026 को भारतीय तटरक्षक बल के क्षेत्रीय मुख्यालय (अंडमान एवं निकोबार), श्री विजयपुरम स्थित समुद्री बचाव समन्वय केंद्र को श्री विजयपुरम से लगभग 50 समुद्री मील दक्षिण-पूर्व दिशा में स्थित इस नौका से संकट संदेश प्राप्त हुआ। यह नौका 10 जुलाई को सुबह लगभग 10 बजे हट बे स्थित दीपिका नंदापुर फिश लैंडिंग सेंटर से दो सदस्यीय दल के साथ समुद्र में मछली पकड़ने के लिए रवाना हुई थी।

समुद्र में जाने के कुछ ही समय बाद नौका का इंजन पूरी तरह खराब हो गया, जिसके कारण वह समुद्र की तेज लहरों, खराब मौसम और तेज हवाओं के बीच असहाय होकर बहने लगी। लगभग तीन दिनों तक दोनों मछुआरे बिना किसी संचार सुविधा और बिना इंजन के समुद्र में संघर्ष करते रहे। उनके पास केवल नौका पर लगा डिस्ट्रेस अलर्ट ट्रांसमीटर (डीएटी) ही सहायता का एकमात्र माध्यम था, जिसने अंततः उनकी जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

संकट संदेश प्राप्त होते ही अंडमान निकोबार कमान के तहत तत्काल संयुक्त खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। अभियान के लिए भारतीय नौसेना के हवाई संसाधनों तथा भारतीय तटरक्षक पोत राजवीर को रवाना किया गया। प्रतिकूल मौसम के बावजूद 13 जुलाई को दोपहर लगभग दो बजे संकटग्रस्त नौका का पता लगा लिया गया। भारतीय नौसेना के विमान ने लगातार नौका पर नजर बनाए रखी और तटरक्षक पोत को उसकी सटीक स्थिति तक मार्गदर्शन प्रदान किया, जिससे बचाव अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया जा सका।

तटरक्षक बल के जवानों ने दोनों मछुआरों को सुरक्षित अपने पोत पर लाकर प्राथमिक उपचार और चिकित्सकीय जांच उपलब्ध कराई। दोनों की स्वास्थ्य स्थिति सामान्य पाई गई। इसके बाद उन्हें आगे की आवश्यक औपचारिकताओं के लिए श्री विजयपुरम में संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया गया।

अंडमान निकोबार कमान के अंतर्गत भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल द्वारा चलाया गया यह संयुक्त अभियान समुद्री आपात स्थितियों में दोनों बलों के उत्कृष्ट समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और प्रभावी संचालन का उदाहरण है। इस अभियान ने यह भी सिद्ध किया कि समुद्र में मछुआरों की सुरक्षा के लिए डिस्ट्रेस अलर्ट ट्रांसमीटर (डीएटी) जीवन रक्षक उपकरण के रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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