

काठमांडू : नेपाल में भ्रष्टाचार और कुशासन के खिलाफ पिछले साल हुए ‘जेन-जी’ आंदोलन की पहली वर्षगांठ पर मंगलवार को देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए गए। काठमांडू के पुराने संसद भवन में मंत्रियों, सांसदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि सभा में गृह मंत्री सुधन गुरूंग, विज्ञान मंत्री महाबीर पुन, पर्यटन मंत्री खड्ग राज पौडेल, सांसदों, पीड़ित परिवारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। सरकार ने मंगलवार को ‘जेन-जी शहीद दिवस’ के रूप में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था। पिछले साल 8 और 9 सितंबर को हुए इस आंदोलन में संसद भवन के पास सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 22 युवाओं की मौत हुई थी। अगले दिन आंदोलन और हिंसक हो गया तथा 54 और लोगों की जान चली गई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने संसद, प्रधानमंत्री कार्यालय एवं आवास, सुप्रीम कोर्ट और कई सरकारी कार्यालयों तथा पुलिस चौकियों में तोड़फोड़ और आगजनी की। जेन-जी कार्यकर्ताओं का कहना है कि आंदोलन के एक साल बाद भी उनकी अधिकांश प्रमुख मांगें पूरी नहीं हुई हैं।