मूसलाधार बारिश से मध्य अंडमान में बाढ़ जैसी हालात, कई घरों में घुसा पानी

मूसलाधार बारिश से मध्य अंडमान में बाढ़ जैसी हालात, कई घरों में घुसा पानी
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : मध्य अंडमान में पिछले दो दिनों में हुई भारी बारिश के बाद कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए। लगातार हुई वर्षा के कारण निचले इलाकों, नदी-नालों के आसपास स्थित गांवों तथा आवासीय क्षेत्रों में जलभराव हो गया। कई घरों में पानी घुसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि कुछ स्थानों पर पानी का स्तर कमर से ऊपर तक पहुंच गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कौशल्या नगर और शक्तिगढ़ के बीच तेज जलप्रवाह के कारण एक पुल क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। वहीं बाराटांग क्षेत्र में एक सड़क तथा पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण कई घंटों तक यातायात बाधित रहा। रंगत, पंचवटी, बकुलतला, दशरथपुर, जनकपुर तथा आसपास के कई इलाकों में व्यापक जलभराव की सूचना मिली है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रंगत प्रशासन की प्रथम प्रतिक्रिया टीम, पुलिस, अग्निशमन सेवा, विद्युत विभाग, वन विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्यों में जुट गईं। प्रशासन की ओर से सहायक आयुक्त दीपांशु बोरा तथा तहसीलदार कैस्पर जेम ने विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। दशरथपुर क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में शामिल रहा, जहां कई घरों और बागानों में पानी भर गया। क्षेत्र की प्रधान श्रीमती रूपा हलदार सहित कई पंचायत प्रतिनिधि प्रभावित परिवारों से मिले और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा आवश्यक सामानों को सुरक्षित करने में प्रशासनिक टीमों ने सक्रिय भूमिका निभाई। सिविल डिफेंस स्वयंसेवक अमलान मंडल ने बताया कि रात से ही बारिश की स्थिति पर नजर रखी जा रही थी। सुबह पानी का स्तर तेजी से बढ़ने पर विभिन्न क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई गई और लोगों को सतर्क किया गया। उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर अकेले रहने वाली महिलाओं और बुजुर्गों को पहले ही संभावित खतरे की जानकारी देकर आवश्यक तैयारी करने की सलाह दी गई थी। दशरथपुर के समीप एक परिवार पानी बढ़ने से घबरा गया था, जिसके बाद वह और उनकी टीम तत्काल तैरकर मौके पर पहुंचे और परिवार को आश्वस्त किया। हालांकि पानी का स्तर बाद में धीरे-धीरे कम होने लगा और स्थिति नियंत्रण में आ गई। उन्होंने बताया कि राहत कार्यों के दौरान कई घरों से सिलेंडर, घरेलू उपकरण तथा अन्य मूल्यवान सामानों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में भी सहायता की गई। हालांकि कुछ दूरदराज क्षेत्रों से यह शिकायत भी सामने आई कि राहत और सहायता समय पर नहीं पहुंच सकी। कुछ लोगों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रियता को लेकर भी सवाल उठाए। हालांकि प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी और राहत कार्य जारी रहने की बात कही गई है। इस बीच प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में रंगत स्थित इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (ईओसी) से संपर्क करें। ईओसी के माध्यम से पुलिस, अग्निशमन सेवा, चिकित्सा सहायता तथा अन्य आवश्यक सेवाओं का समन्वय किया जाता है। बारिश थमने के बाद कई क्षेत्रों में पानी का स्तर धीरे-धीरे घटने लगा है, लेकिन प्रभावित परिवारों को अभी भी सामान्य स्थिति बहाल होने का इंतजार है।

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