

बीजिंग : अमेरिका और चीन ने एक-दूसरे से आयात होने वाले करीब 60 अरब डॉलर के सामान पर शुल्क (टैरिफ) घटाने पर सहमति जताई है। इसमें अमेरिकी मक्का, गेहूं, मांस और डेयरी उत्पादों से लेकर चीनी घरेलू उपकरण, खिलौने और अन्य सामान शामिल हैं। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीर ने बताया कि दोनों देशों ने करीब 30-30 अरब डॉलर के गैर-संवेदनशील उत्पादों पर अधिक अनुकूल शुल्क व्यवस्था की सिफारिश की है। अमेरिका के अनुसार, इससे चीन को होने वाले उसके करीब 30 प्रतिशत निर्यात के लिए बाजार पहुंच बेहतर होगी। यह समझौता पिछले सप्ताह वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई इस साल की दूसरी शिखर वार्ता के प्रमुख नतीजों में शामिल है। दोनों देशों ने व्यापार संघर्ष विराम को 10 जनवरी 2027 तक बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। दोनों देश कृषि क्षेत्र में कार्य समूह बनाएंगे। चीन 2027 और 2028 में हर साल अमेरिका से एक करोड़ टन कोयला भी आयात करेगा।
ट्रंप ने शी से पूछा कि क्या वह अमेरिकी हथियार खरीदेंगे
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ताइवान को हथियारों की लंबित बिक्री को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सामने यह कहकर उचित ठहराया कि वाशिंगटन दुनिया भर में ऐसे कई सौदे करता है तथा ट्रंप ने उनसे यहां तक पूछ लिया कि क्या वह भी अमेरिकी हथियार खरीदना चाहेंगे। चीन में अमेरिका के राजदूत डेविड पर्ड्यू ने कहा कि ट्रंप ने अपने उभरते भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी चीन को अमेरिका की ओर से हथियार बेचने की संभावना भी जतायी। यह एक अप्रत्याशित पेशकश है, जिस पर अमल होने की स्थिति में चीन और ताइवान को लेकर अमेरिका की कई पीढ़ियों से चली आ रही नीति में बड़ा बदलाव आ सकता है। पर्ड्यू ने कहा कि ट्रंप ने ताइवान को बड़ी संख्या में हथियार बेचे हैं। ट्रंप और शी के बीच ताइवान को भविष्य में अमेरिकी हथियारों की बिक्री को लेकर बातचीत जारी है।