सूर्य-चंद्रमा से कई गुना है बड़ा फिर धरती से आकार में क्यों दिखता है बराबर ?

सूर्य-चंद्रमा से कई गुना है बड़ा फिर धरती से आकार में क्यों दिखता है बराबर ?
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नई दिल्ली: सूर्य और चंद्रमा सौरमंडल के ग्रह हैं। सूर्य और चंद्रमा का धरती से खास रिश्ता है। सूर्य के बिना पृथ्वी पर रौशनी नहीं आएगी। वहीं अगर चंद्रमा नहीं होगा तो धरती का संतुलन गड़बड़ा जाएगा। दरअसल सूर्य-चंद्रमा के बीच 400 गुना की दूरी है। ऐसे में कई लोगों के मन में ये प्रश्न उठ सकता है कि धरती से दोनों बराबर क्यों नजर आते हैं। आपको बताते हैं इसके पीछे क्या कारण है।

आकार में सूर्य-चंद्रमा दिखते हैं बराबर
सुबह-शाम जब सूर्य या चंद्रमा दिखते हैं तो दोनों बराबर नजर आते हैं। ऐसा लगता है कि दोनों का आकार एक जैसा है। लेकिन सूर्य हमारे सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है। सूर्य का व्यास 13 लाख 90 हजार किलोमीटर है। जबकि चंद्रमा का व्यास केवल 3,474 किलोमीटर है। धरती का व्यास का 12, 742 किलोमीटर है। ऐसे में सूर्य धरती से लगभग 109 गुना बड़ा है। ऐसे में दोनों के बराबर दिखने का क्या कारण हो सकता है?

इस कारण नजर आते हैं बराबर
रिपोर्ट के अनुसार सूर्य चंद्रमा से 400 गुना बड़ा है लेकिन पृथ्वी से लगभग 400 गुना दूर है इसी वजह से चंद्रमा और सूर्य आसमान में एक सामान नजर आते हैं। यह केवल एक संयोग है अगर धरती से सूर्य की दूरी इससे ज्यादा या कम होती है दोनों के आकार में अंतर दिख जाता। धरती से सूर्य की दूरी 14 करोड़ 96 लाख किलोमीटर है जबकि धरती से चांद की दूरी 384403 किलोमीटर। ऐसा संयोग अन्य ग्रह के साथ नहीं है। इसलिए अलग-अलग आकार होने के बाद भी पृथ्वी से दोनों बराबर लगते हैं।

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