

अब स्कूल खुद तय करेंगे यूनिफॉर्म और इमारत का रंग
मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : राज्य सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा फेरबदल करते हुए स्कूलों की यूनिफॉर्म से जुड़े नियमों में नए बदलाव की घोषणा की है। गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने स्पष्ट किया कि स्कूलों की यूनिफॉर्म से 'विश्व बांग्ला' के लोगो को पूरी तरह हटाया जा रहा है। हालांकि पहले यह घोषणा की गई थी कि पुरानी परंपराओं को बहाल करने के लिए यूनिफॉर्म के रंगों में बदलाव किया जाएगा। अब अनिवार्य नीले रंग के बजाय अलग-अलग स्कूल अपनी पसंद के रंग चुन सकेंगे। इसके साथ ही सिर्फ यूनिफॉर्म ही नहीं, बल्कि स्कूलों को अपनी इमारतों के रंगों में भी अपनी इच्छा के अनुसार बदलाव करने की पूरी छूट दी गई है।
2022 से पहले वाली व्यवस्था में लौटेंगे सरकारी स्कूल
गौरतलब है कि साल 2022 में पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल के दौरान सरकारी स्कूलों की यूनिफॉर्म का रंग अनिवार्य रूप से नीला-सफेद कर दिया गया था। उस समय के नियमों के कारण सभी स्कूलों को एक जैसी रंग योजना का पालन करना पड़ता था, जिससे उनकी पारंपरिक और स्थानीय पहचान कहीं न कहीं पीछे छूट गई थी। अब नई सरकार ने सत्ता में आने के बाद स्कूल यूनिफॉर्म का रंग बदलकर उन्हें 2022 से पहले वाली पुरानी व्यवस्था में वापस लाने की आधिकारिक योजना की घोषणा की थी, ताकि स्कूल अपनी पुरानी पहचान और पिछली परंपरा को बरकरार रख सकें। राज्य सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य शिक्षा संस्थानों को प्रशासनिक और सांस्कृतिक स्तर पर एक नई स्वतंत्रता देना है।