

विशाखा तिवारी
कोलकाता : भारतीय सेना की पूर्वी कमान द्वारा शौर्य कॉन्क्लेव: रणनीतिक संचार और संज्ञानात्मक क्षेत्र का विकास का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह महत्वपूर्ण मंच समकालीन सुरक्षा परिदृश्य में सूचना, धारणा और संज्ञानात्मक क्षेत्र की बढ़ती भूमिका पर केंद्रित रहा। सम्मेलन में वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व, प्रतिष्ठित शिक्षाविद, अनुभवी पत्रकार, रणनीतिक संचार विशेषज्ञ तथा नीति विश्लेषकों ने भाग लिया और विचारोत्तेजक तथा तथ्यपरक विमर्श में योगदान दिया।
कॉन्क्लेव के दौरान आयोजित सत्रों में सूचना युद्ध, मीडिया की भूमिका, रणनीतिक नैरेटिव निर्माण तथा जनधारणा प्रबंधन जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। वक्ताओं ने अपने परिचालन अनुभव, अकादमिक अनुसंधान और मीडिया व्यवहार की व्यावहारिक समझ के आधार पर समकालीन चुनौतियों और उभरते अवसरों पर बहुआयामी दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। संवाद का उद्देश्य न केवल सूचना परिवेश की जटिलताओं को समझना था, बल्कि बदलते सुरक्षा परिदृश्य में प्रभावी और उत्तरदायी संचार रणनीतियों को सुदृढ़ करना भी था।
भारतीय सेना ने इस अवसर पर मीडिया के साथ पारदर्शी, समयबद्ध और विश्वसनीय संवाद के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया। यह स्वीकार किया गया कि मीडिया, सैनिकों और नागरिकों के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु के रूप में कार्य करता है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर जनजागरूकता को सशक्त बनाता है। शौर्य कॉन्क्लेव जैसे मंच सूचित विमर्श को प्रोत्साहित करने, मीडिया–सेना समन्वय को सुदृढ़ करने तथा राष्ट्रीय हितों की रक्षा हेतु संज्ञानात्मक क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए भारतीय सेना के दृढ़ संकल्प को प्रतिबिंबित करते हैं।