

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के सांसद बिष्णु पद राय ने द्वीपों की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। इस पत्र की प्रतिलिपि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा को भी भेजी गई है। अपने पत्र में सांसद ने अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह की लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था, विशेषकर श्री विजयपुरम स्थित जी.बी. पंत अस्पताल की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल पूरे द्वीप समूह का एकमात्र रेफरल अस्पताल होने के साथ-साथ अंडमान और निकोबार द्वीप समूह चिकित्सा विज्ञान संस्थान का शिक्षण अस्पताल भी है। बिष्णु पद राय ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि उन्होंने पूर्व में भारत सरकार से द्वीपों में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की एक इकाई स्थापित करने का अनुरोध किया था। हालांकि प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत द्वीपों को शामिल नहीं किए जाने के कारण यह अनुरोध स्वीकार नहीं किया गया। उन्होंने यह भी आग्रह किया था कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह चिकित्सा विज्ञान संस्थान को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली के प्रशासनिक नियंत्रण अथवा मार्गदर्शन में लाया जाए, किंतु वर्तमान नीति के अंतर्गत यह प्रस्ताव भी स्वीकार नहीं किया गया। सांसद ने कहा कि यद्यपि इन प्रस्तावों को अस्वीकार करने के पीछे दिए गए उत्तर तकनीकी दृष्टि से सही हो सकते हैं, लेकिन वे भौगोलिक रूप से पृथक इन द्वीपों की वास्तविक परिस्थितियों को नहीं दर्शाते, जहां लोगों को उच्च स्तरीय तृतीयक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि केवल सामान्य सुधारात्मक उपायों से बढ़ती विशेषज्ञ एवं सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सा सेवाओं की आवश्यकता पूरी नहीं की जा सकती। उन्होंने सरकारी अस्पतालों में उपचार के दौरान बढ़ रही मौतों तथा हाल के वर्षों में चिकित्सा लापरवाही के लगातार सामने आए आरोपों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से आम जनता में भय एवं असुरक्षा की भावना उत्पन्न हुई है तथा स्वास्थ्य व्यवस्था पर लोगों का विश्वास प्रभावित हुआ है। उन्होंने विभिन्न मामलों में कथित चिकित्सीय लापरवाही को लेकर हुए जन आंदोलनों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि व्यापक सुधारों तथा जवाबदेही सुनिश्चित कर जनता का विश्वास पुनः स्थापित किया जाना आवश्यक है। सांसद ने कहा कि वर्तमान स्वास्थ्य अवसंरचना को पर्याप्त विशेषज्ञ चिकित्सकों, आधुनिक जांच सुविधाओं, सघन चिकित्सा इकाइयों तथा बेहतर अस्पताल प्रबंधन के माध्यम से तत्काल मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि द्वीपों की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यहां के लिए अलग दीर्घकालिक स्वास्थ्य रणनीति तैयार की जानी चाहिए। अपने पत्र में बिष्णु पद राय ने भारत सरकार से आग्रह किया है कि जी.बी. पंत अस्पताल, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह चिकित्सा विज्ञान संस्थान, जिला अस्पतालों तथा विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के कार्यों की समीक्षा के लिए वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञों की एक स्वतंत्र टीम गठित कर द्वीपों में भेजी जाए। साथ ही अंडमान और निकोबार द्वीप समूह चिकित्सा विज्ञान संस्थान को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली अथवा किसी अन्य प्रतिष्ठित राष्ट्रीय चिकित्सा संस्थान के मार्गदर्शन, शैक्षणिक पर्यवेक्षण अथवा प्रशासनिक सहयोग के अंतर्गत लाने की संभावना पर पुनर्विचार किया जाए। उन्होंने जी.बी. पंत अस्पताल एवं अन्य सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ तथा सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की नियुक्ति, आधुनिक जांच सुविधाओं, सघन चिकित्सा इकाइयों तथा आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त द्वीपों की विशिष्ट भौगोलिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए व्यापक दीर्घकालिक स्वास्थ्य विकास योजना तैयार करने तथा जहां कहीं भी प्रशासनिक लापरवाही, कमियां अथवा मरीजों की देखभाल में उपेक्षा पाई जाए वहां जवाबदेही सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया।