ईरान युद्ध से खाड़ी देशों का अमेरिका पर भरोसा डगमगाया

खाड़ी देशों को सुरक्षा के मामले में आत्मनिर्भर बनने की जरूरत
The Iran conflict has shaken the Gulf nations' trust in the US
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी
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दुबई : ईरान युद्ध ने खाड़ी देशों को अपनी विदेश और सुरक्षा नीति की एक अहम धारणा पर पुनर्विचार के लिए मजबूर कर दिया है। लंबे समय से अमेरिका के साथ रणनीतिक साझेदारी को क्षेत्रीय स्थिरता की गारंटी मानने वाले देश अब अमेरिकी सुरक्षा छाते पर पूरी तरह निर्भर रहने को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने अब तक का सबसे स्पष्ट संकेत देते हुए कहा कि संघर्ष ने साबित कर दिया है कि खाड़ी देश अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह अमेरिका पर निर्भर नहीं रह सकते। अब उन्हें सुरक्षा के मामले में आत्मनिर्भर बनने की जरूरत है। उन्होंने अबू धाबी में हिली फोरम में कहा कि क्षेत्र में विदेशी सेनाओं की मौजूदगी और अमेरिका के साथ रणनीतिक गठबंधन महत्वपूर्ण हैं, लेकिन पर्याप्त नहीं हैं। सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत और बहरीन कथित तौर पर ईरान संघर्ष से निपटने के ट्रंप प्रशासन के तरीके, उसके असंगत बयानों और युद्ध से बढ़ती आर्थिक-सुरक्षा लागत को लेकर चिंतित हैं। इन देशों में अमेरिका के बड़े सैन्य ठिकाने हैं।

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