प्रवासी भारतीय समुदाय मलेशिया के साथ द्विपक्षीय संबंधों में जीवंत सेतु : उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने मलेशिया के कुआलालमपुर में प्रवासी भारतीय समुदाय को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को भारत और मलेशिया के बीच गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जनसंपर्क संबंधों को मजबूती प्रदान करने वाला बताया।
प्रवासी भारतीय समुदाय मलेशिया के साथ द्विपक्षीय संबंधों में जीवंत सेतु : उपराष्ट्रपति
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सन्मार्ग संवाददाता

नयी दिल्ली : उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने मलेशिया के कुआलालमपुर में प्रवासी भारतीय समुदाय को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को भारत और मलेशिया के बीच गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जनसंपर्क संबंधों को मजबूती प्रदान करने वाला बताया।उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत और मलेशिया के संबंधों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए प्रवासी भारतीयों को दोनों देशों के बीच एक सशक्त और जीवंत सेतु बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रवासी समुदाय द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

प्रधानमंत्री द्वारा तमिल भाषा और संस्कृति पर दिए गए वक्तव्य को उपराष्ट्रपति ने विशेष रूप से उल्लेखनीय बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री के शब्दों को उद्धृत करते हुए कहा, “तमिल भारत की विश्व को दी गई एक अमूल्य देन है। तमिल साहित्य शाश्वत है और तमिल संस्कृति वैश्विक है।” उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह वक्तव्य भारत की समृद्ध सभ्यतागत विरासत और तमिल संस्कृति के वैश्विक प्रभाव को रेखांकित करता है।

तिरुवल्लुवर केंद्र की स्थापना की घोषणा का सीपी राधाकृष्णन ने स्वागत करते हुए कहा कि यह पहल भारत की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और वैश्विक प्रचार के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस तरह की पहलें दो देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और प्रगाढ़ बनाती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास भारत की प्राचीन परंपराओं, मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर सुदृढ़ रूप से प्रस्तुत करने में सहायक होंगे।

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