

अंजली भाटिया
दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को 77वें गणतंत्र दिवस समारोह की फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित की गई। सुबह से हो रही बारिश और ठंड के बावजूद कर्तव्य पथ पर तीनों सेनाओं के जवानों, अर्धसैनिक बलों और सांस्कृतिक कलाकारों ने पूरे अनुशासन और जोश के साथ अभ्यास किया। मौसम की चुनौती भी देशभक्ति के उत्साह को कम नहीं कर सकी। करीब 10:30 बजे शुरू हुई रिहर्सल 11:45 बजे तक चली। बारिश के कारण कार्यक्रम की शुरुआत कुछ देर से हुई और वायुसेना का फ्लाईपास्ट व कुछ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रिहर्सल के दौरान नहीं हो सकीं, लेकिन परेड की भव्यता बनी रही।
पहली बार भैरव बटालियन शामिल
इस बार की रिहर्सल की खास बात यह रही कि भारतीय सेना की भैरव बटालियन पहली बार फुल ड्रेस रिहर्सल का हिस्सा बनी। विजय चौक से लाल किले तक जवानों ने हथियार प्रणालियों के साथ कदमताल की। ब्रह्मोस और आकाश जैसी स्वदेशी मिसाइल प्रणालियां भी प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित की गईं। एक सैन्य अधिकारी ने कहा, “बारिश और ठंड जरूर चुनौती थी, लेकिन कर्तव्य पथ पर देश का प्रतिनिधित्व करने का गर्व हर मुश्किल को आसान बना देता है।”
इस साल गणतंत्र दिवस पर क्या होगा खास
26 जनवरी को होने वाली परेड में इस बार कई नई और अत्याधुनिक सैन्य क्षमताओं की झलक देखने को मिलेगी। पहली बार शक्ति बाण, दिव्यास्त्र बैटरी, यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चिंग सिस्टम, रोबोटिक डॉग, ईगल, बैक्ट्रियन ऊंट और जंस्कार पोनी परेड का हिस्सा बनेंगे।
30 झांकियां, आत्मनिर्भर भारत पर फोकस
इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में कुल 30 झांकियां शामिल होंगी। इनमें 17 झांकियां राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की, जबकि 13 झांकियां विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और सेवाओं की होंगी। झांकियों की थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्’ और ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’ रखी गई है। सैन्य कार्य विभाग की त्रि-सेवा झांकी में ऑपरेशन सिंदूर और तीनों सेनाओं की संयुक्त ताकत को दर्शाया जाएगा।
अब वीवीआईपी नहीं, नदियों के नाम पर एनक्लोजर
इस बार परेड स्थल पर एक बड़ा और प्रतीकात्मक बदलाव देखने को मिला है। परंपरा से हटकर अब दर्शक दीर्घाओं में ‘वीवीआईपी’ या ‘वीआईपी’ जैसे लेबल नहीं होंगे। रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, सभी एनक्लोजर के नाम भारतीय नदियों के नाम पर रखे गए हैं, ताकि समानता और समावेश का संदेश दिया जा सके। इनमें ब्यास, ब्रह्मपुत्र, चंबल, चेनाब, गंडक, गंगा, घाघरा, गोदावरी, सिंधु, झेलम, कावेरी, कोसी, कृष्णा, महानदी, नर्मदा, पेन्नार, पेरियार, रावी, सोन, सतलुज, तीस्ता, वैगई और यमुना शामिल हैं। कुल 23 नदियों के नाम एनक्लोजर को दिए गए हैं।
फ्लाईपास्ट और डीआरडीओ की ताकत
26 जनवरी को वायुसेना के फाइटर जेट ‘सिंदूर फॉर्मेशन’ में उड़ान भरेंगे। इसमें राफेल, मिग-29, सुखोई-30 और जैगुआर विमान शामिल होंगे। वहीं डीआरडीओ गणतंत्र दिवस परेड और भारत पर्व 2026 में लॉन्ग रेंज एंटी-शिप हाइपरसोनिक मिसाइल समेत कई स्वदेशी रक्षा प्रणालियों का प्रदर्शन करेगा।
सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
बारिश के बावजूद कर्तव्य पथ और आसपास के इलाकों में दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ तैनात रहीं।इस बार परेड स्थल पर एक बड़ा और प्रतीकात्मक बदलाव देखने को मिला है।
फ्लाईपास्ट और डीआरडीओ की ताकत
26 जनवरी को वायुसेना के फाइटर जेट ‘सिंदूर फॉर्मेशन’ में उड़ान भरेंगे। इसमें राफेल, मिग-29, सुखोई-30 और जैगुआर विमान शामिल होंगे। वहीं डीआरडीओ गणतंत्र दिवस परेड और भारत पर्व 2026 में लॉन्ग रेंज एंटी-शिप हाइपरसोनिक मिसाइल समेत कई स्वदेशी रक्षा प्रणालियों का प्रदर्शन करेगा