

सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता करते हुए, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज सदन को कॉमनवेल्थ के स्पीकर्स और पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन (CSPOC) 2026 के सफल आयोजन के बारे में बताया। बिरला ने बताया कि 28वां CSPOC एक बड़ी सफलता थी
सदन को संबोधित करते हुए श्री बिरला ने कहा:
"माननीय सदस्यगण, मुझे आपको बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि भारतीय संसद द्वारा दिनांक 14 से 16 जनवरी 2026 के बीच राष्ट्रमंडल देशों की संसदों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों (CSPOC) का 28वां सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह सम्मेलन 16 वर्षों के बाद भारत में आयोजित किया गया।
सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा दिनांक 15 जनवरी 2026 को ऐतिहासिक संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में किया गया। यह सम्मेलन 53 राष्ट्रमंडल देशों और 14 अर्ध स्वायत्त संसदों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों को एक मंच पर लाता है। मुझे आपको सूचित करते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि इस सम्मेलन में रिकॉर्ड 60 अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों और लगभग 200 डेलीगेट्स ने हिस्सा लिया।
सम्मेलन में IPU (इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन) की प्रेसिडेंट डॉ. तुलिया एक्सन और CPA (कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन) के चेयरपर्सन डॉ. क्रिस्टोफर कलिला को “विशेष आमंत्रित” के रूप में आमंत्रित किया गया था। इस सम्मेलन में माननीय संसद सदस्यों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई, जिसमें लोकतांत्रिक संस्थाओं को सशक्त बनाए रखने में अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों की भूमिका, संसदों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस; सोशल मीडिया और माननीय संसद सदस्यों पर इसके प्रभाव, संसद के बारे में जनता की समझ बढ़ाने और उनमें जन-भागीदारी बढ़ाने के लिए अभिनव रणनीतियाँ तथा माननीय संसद सदस्यों और संसदीय कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण के विषय शामिल थे।
इस सम्मेलन के दौरान, मेरी 40 आमंत्रित देशों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी हुई। वार्ता के दौरान उन सभी अतिथियों ने भारत के सशक्त और जीवंत संसदीय लोकतंत्र की सराहना की। उन्होंने भारत के साथ एक मज़बूत मित्रवत सहयोग बनाए रखने की इच्छा भी व्यक्त की।
CSPOC परंपरा के अनुरूप, सम्मेलन के समापन के उपरांत दिनांक 17 जनवरी 2026 को अतिथि शिष्टमंडलों के लिए जयपुर भ्रमण आयोजित किया गया।"