

प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने केंद्र सरकार के अमेरिका के साथ किए जा रहे समझौतों और हालिया केंद्रीय बजट को लेकर कड़ा हमला बोला है। पार्टी का आरोप है कि इन समझौतों से देश के किसानों की स्वतंत्रता और भविष्य खतरे में पड़ सकता है। शुक्रवार को तृणमूल भवन में किसानों के कल्याण पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीएमसी नेताओं ने कहा कि जब केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय समझौतों के जरिए किसानों को जोखिम में डाल रही है, तब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार किसानों के पक्ष में खड़ी हैं।
राज्य की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि केंद्रीय बजट में किसानों, महिलाओं और श्रमिकों के लिए कोई ठोस दिशा नहीं दिखाई देती। इसके विपरीत, पश्चिम बंगाल सरकार ने ‘कृषक बंधु (नयी)’ योजना के तहत 2019 से अब तक 1.10 करोड़ किसानों को 27,016 करोड़ रुपये की सीधी सहायता दी है। केवल खरीफ 2025 में ही 1.10 करोड़ किसानों को 2,930 करोड़ रुपये मिले हैं। उन्होंने कहा कि बटाईदारों और भूमिहीन कृषि श्रमिकों के लिए भी सालाना 4,000 रुपये की सहायता तय की गई है, जिससे कृषि क्षेत्र को मजबूती मिली है।
पार्थ भौमिक ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसमें बंगाल के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि 12 सांसदों के बावजूद भाजपा राज्य के लिए क्या लाई। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल के 2 लाख करोड़ से अधिक के बकाये अब भी लंबित हैं और मनरेगा व जल जीवन मिशन जैसे फंड रोके गए हैं। भौमिक ने कहा कि अमेरिका से किए जा रहे समझौते किसानों को कॉरपोरेट निर्भरता की ओर ले जा सकते हैं, जबकि ममता बनर्जी की नीतियां किसानों को आत्मनिर्भर बनाने पर केंद्रित हैं।