वाशिंगटन : अमेरिकी खरबपति एलन मस्क की कंपनी टेस्ला ने शुक्रवार को उड़ने वाली कार सामने ला दी। इसे रोडस्टर सेकेंड जनरेशन कार नाम दिया गया है। डेमो के दौरान, यह एक बड़े घुमावदार रैंप पर ऊपर की ओर बढ़ी और उल्टी हो गई। इसके बाद ये रैंप से हवा में उड़ी, हवा में ही पलटी और जमीन पर सुरक्षित उतर गई। इस कार में रॉकेट में इस्तेमाल होने वाले थ्रस्टर्स लगे हैं। इनकी मदद से ये कार उल्टी होकर चल सकती है और हवा में घूम भी सकती है। ये कार केवल 0.81 सेकेंड में 97 किमी प्रति घंटे की रफ्तार भी पकड़ सकती है।
2028 से शुरू होगा उत्पादन
मस्क ने बताया कि रोडस्टर का उत्पादन साल 2028 में शुरू होगा। कार को बुक करने के लिए कुल 50 हजार डॉलर जमा कराने होंगे। कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक, कार न मिलने पर यह पूरा पैसा वापस कर दिया जाएगा। डेमो में कार की सफल लैंडिंग के बाद मस्क ने कहा- चलिए, यह काम कर गया। मस्क ने इस कार को टेस्ला और स्पेसएक्स के इंजीनियरों के साथ मिलकर किए गए काम का नतीजा बताया। मस्क ने बताया कि कार खुद को ऊपर उठाने के लिए एक एडवांस्ड अल्ट्रा-हाई प्रेशर एयर टैंक का इस्तेमाल करती है। कार में हवा में कंट्रोल के लिए एल्टीट्यूड थ्रस्टर्स और पीछे की तरफ मेन थ्रस्टर्स हैं। यह बिल्कुल रॉकेट की तरह उड़ सकती है और हवा में कलाबाजियां खा सकती है।
टेस्ला ने अपनी सेकेंड जनरेशन रोडस्टर को पहली बार नवंबर 2017 में दिखाया था। हालांकि, इसके बाद इसकी लॉन्चिंग और प्रोडक्शन की तारीख कई बार टलती रही। शुरुआत में उम्मीद थी कि यह कार 2020 तक सड़कों पर आ जाएगी, लेकिन डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग की चुनौतियों के कारण इसमें करीब 8 साल की देरी हो चुकी है। कार की लॉन्चिंग में देरी को लेकर बीते साल इलॉन मस्क और ओपनएआई के CEO सैम आल्टमैन के बीच बहस भी हुई थी। आल्टमैन ने X पर लिखा था कि 50 हजार डॉलर की बुकिंग फीस देने के बाद 7.5 साल का इंतजार बहुत लंबा लगता है। इस पर जवाब देते हुए मस्क ने दावा किया था कि आल्टमैन को उनकी बुकिंग फीस पहले ही रिफंड की जा चुकी है।
0 से 97 किमी/घंटे की रफ्तार पकड़ने के लिए कार ने डेमो के दौरान महज 0.81 सेकंड का समय लिया। अगर यह कार इसी क्षमता के साथ बाजार में उतरती है, तो यह दुनिया की सबसे तेज पिकअप वाली कार बन जाएगी। फिलहाल यह रिकॉर्ड क्रोएशियाई इलेक्ट्रिक हाइपरकार रिमैक नेवेरा आर के नाम है। इसने 1.66 सेकंड में 0-60 मील प्रति घंटा का आंकड़ा दर्ज किया है। टेस्ला का दावा 230 मील प्रति घंटे यानी करीब 370 किमी/घंटे से अधिक रफ्तार का है, जबकि यांगवांग U9 एक्सट्रीम 308 मील/घंटे यानी करीब 496 किमी/ घंटे जैसी गाड़ियां इससे कहीं आगे हैं। मस्क का कहना है कि वे इस पर लगातार काम कर रहे हैं और फाइनल प्रोडक्शन कार में मैक 0.5 यानी लगभग 617 km/h का लक्ष्य हासिल करने की पूरी कोशिश करेंगे। ये अभी के शुरुआती टेस्ट/प्रोटोटाइप मॉडल से कहीं ज्यादा तेज होगी।
‘डिपेंड करेगा कि आपकी सड़क कैसी’
इवेंट में जब एक दर्शक ने पूछा कि क्या यह कार आम सड़कों पर चलाने के लायक है, तो मस्क ने मजाकिया अंदाज में कहा, \"यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी सड़क कैसी है। \" हालांकि, उन्होंने तुरंत साफ किया कि यह इस्तेमाल करने में एक प्रैक्टिकल कार ही होगी। मस्क ने यह भी बताया कि रोडस्टर टेस्ला की इकलौती ऐसी कार होगी जिसे सिर्फ मैन्युअली चलाया जा सकेगा। इसे बहुत ज्यादा सेफ्टी को ध्यान में रखकर डिजाइन नहीं किया गया है।