कैम्पबेल बे में पेट्रोल आपूर्ति रुकने से तनाव, निवासियों ने प्रशासन से तत्काल स्पष्टीकरण की मांग की

नोटिस के बाद बढ़ा भ्रम, प्रशासन के फैसले पर उठे सवाल
कैम्पबेल बे में पेट्रोल आपूर्ति रुकने से तनाव, निवासियों ने प्रशासन से तत्काल स्पष्टीकरण की मांग की
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : मंगलवार को कैम्पबेल बे में उस समय कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई जब स्थानीय पेट्रोल पंप पर सार्वजनिक रूप से पेट्रोल की आपूर्ति अचानक रोक दिए जाने की खबर सामने आई। यह स्थिति उस समय बनी जब उपमंडल में पेट्रोलियम उत्पादों की कमी से संबंधित एक सूचना वहां प्रदर्शित की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार कैम्पबेल बे स्थित पेट्रोल पंप पर एक नोटिस लगाया गया था, जिसमें क्षेत्र में पेट्रोलियम, ऑयल और लुब्रिकेंट्स (पीओएल) की कमी की जानकारी दी गई थी। बताया जा रहा है कि यह नोटिस कैम्पबेल बे के सहायक आयुक्त द्वारा हस्ताक्षरित था और इसमें निवासियों से स्थिति को लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं होने की अपील भी की गई थी। हालांकि इस सूचना का स्थानीय लोगों पर उल्टा प्रभाव पड़ा और लोगों में चिंता तथा भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई। निवासियों को यह जानकारी दी गई कि अगले आदेश तक आम जनता को पेट्रोल की आपूर्ति नहीं की जाएगी, जिसके बाद क्षेत्र में असमंजस और बेचैनी का माहौल बन गया। निकोबार जिले के दूरस्थ क्षेत्र में स्थित कैम्पबेल बे अन्य द्वीपों की तरह दैनिक जीवन के लिए काफी हद तक वाहनों पर निर्भर करता है। यहां के स्थानीय लोगों का एक बड़ा हिस्सा, जिसमें छोटे व्यापारी, डिलीवरी कार्य करने वाले लोग, दैनिक मजदूर तथा विभिन्न विभागों के कर्मचारी शामिल हैं, अपनी आजीविका चलाने और काम पर आने-जाने के लिए दोपहिया तथा अन्य वाहनों पर निर्भर रहते हैं। स्थानीय निवासियों ने पेट्रोल की आपूर्ति पूरी तरह से रोकने के निर्णय पर सवाल उठाए हैं। कई लोगों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि पेट्रोल उपलब्ध नहीं होगा तो लोग काम पर कैसे जाएंगे और अपनी रोजी-रोटी कैसे चलाएंगे।

सामान्य तौर पर जब दूरदराज के द्वीप क्षेत्रों में ईंधन आपूर्ति में व्यवधान की आशंका होती है, तब प्रशासन आमतौर पर अस्थायी नियंत्रण उपाय लागू करता है ताकि घबराहट की स्थिति पैदा न हो और उपलब्ध ईंधन का समान रूप से वितरण सुनिश्चित किया जा सके। इन उपायों में अक्सर प्रति व्यक्ति सीमित मात्रा में ईंधन देने या राशनिंग प्रणाली लागू करने जैसी व्यवस्थाएं शामिल होती हैं, ताकि अगली आपूर्ति आने तक उपलब्ध स्टॉक पर्याप्त बना रहे। हालांकि स्थानीय लोगों का दावा है कि ऐसे नियंत्रण उपाय लागू करने के बजाय पेट्रोल पंप को आम जनता को पेट्रोल न देने के निर्देश दिए गए हैं। इस कारण लोगों में और अधिक असंतोष और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। कुछ स्थानीय सूत्रों का यह भी कहना है कि पेट्रोल पंप में अभी भी लगभग तीन किलोलीटर पेट्रोल का भंडार मौजूद हो सकता है। इस जानकारी के सामने आने के बाद लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि जब कुछ मात्रा में पेट्रोल उपलब्ध है तो आपूर्ति पूरी तरह से क्यों रोक दी गई है। ईंधन आपूर्ति के अचानक बंद होने से पेट्रोल पंप प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के बीच योजना और समन्वय को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। निवासियों का कहना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक जारी रही तो क्षेत्र में परिवहन व्यवस्था और सामान्य जनजीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।


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