

इस्लामाबाद : पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को चिकित्सकीय जांच के लिए निजी अस्पताल ले जाने का आदेश दिया। यह आदेश जेल अधिकारियों के उस दावे के एक दिन बाद आया, जिसमें कहा गया था कि 73 वर्षीय खान की आंखों की रोशनी ‘‘लगभग सामान्य’’ हो गई है। न्यायमूर्ति शाहिद वहीद की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने इमरान खान की आंखों की बीमारी से संबंधित कई याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया। याचिकाकर्ताओं ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के संस्थापक खान को अस्पताल में भर्ती कराने का अनुरोध किया था। उनका कहना था कि वे सरकारी अस्पतालों में मिल रहे इलाज से संतुष्ट नहीं हैं। न्यायमूर्ति शाहिद वहीद की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने आदेश दिया कि खान को अगले कुछ दिनों में इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया जाए। न्यायमूर्ति वहीद ने कहा कि मौलिक अधिकारों को ध्यान में रखते हुए हम कैदी के स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह आदेश जारी कर रहे हैं। इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। जनवरी के अंत में उनकी आंख की बीमारी दाहिनी केंद्रीय रेटिनल शिरा अवरोध (सीआरवीओ) का पता चलने के बाद इलाज के लिए उन्हें कई बार इस्लामाबाद स्थित पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ले जाया जा चुका है। अडियाला जेल के अधिकारियों ने कहा कि इमरान खान की चिकित्सकीय स्थिति सामने आने के बाद से उनका उचित इलाज किया गया है।