हरिनगर में एनएच-4 निर्माण से उठती धूल ने कारोबार किया ठप, बिलिग्राउंड बाजार तीसरे दिन भी बंद

व्यापारियों का कारोबार ठप, ग्राहकों की संख्या में गिरावट
हरिनगर में एनएच-4 निर्माण से उठती धूल ने कारोबार किया ठप, बिलिग्राउंड बाजार तीसरे दिन भी बंद
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धूल से सामान खराब, दुकानदारों की बढ़ी परेशानी

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : उत्तर एवं मध्य अंडमान क्षेत्र के लिए कभी कनेक्टिविटी की नई उम्मीद माने जा रहे राष्ट्रीय राजमार्ग -4 के विस्तार कार्य ने अब हरिनगर क्षेत्र के निवासियों और दुकानदारों के लिए रोजमर्रा का दुःस्वप्न का रूप ले लिया है। पिछले कई सप्ताहों से जारी निर्माण कार्य से उठने वाली घनी और लगातार उड़ती धूल ने स्थानीय व्यापार को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है और साथ ही जनस्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता भी पैदा कर दी है। सन्मार्ग से बातचीत करते हुए ग्राम पंचायत हरिनगर के प्रधान मनोजित हलदर ने बताया कि सबसे ज्यादा प्रभावित वे स्थानीय व्यापारी हैं जिनकी दुकानें निर्माण कार्य के मार्ग के किनारे स्थित हैं। किराना दुकानों से लेकर कपड़े की दुकानों तक, सभी दुकानदारों का कहना है कि उनकी वस्तुएं धूल की बारीक परत से खराब हो रही हैं, जो सफाई के कुछ ही मिनटों में फिर से जम जाती है। हलदर के अनुसार, स्थानीय दुकानदारों का दावा है कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों में ग्राहकों की आवाजाही में भारी कमी आई है। ग्राहक धूल भरे माहौल में खरीदारी करने से बच रहे हैं और दुकानदार ग्राहकों की सेवा करने के बजाय अधिक समय शेल्फ की सफाई में ही बिता रहे हैं, जिससे उनकी आजीविका पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने आगे बताया कि वर्ष 2014 से ही इस मार्ग से गुजरने वाले निवासी, आम लोग, दुकानदार, विद्यार्थी, मरीज और यात्री इस समस्या का सामना कर रहे हैं। पंचायत और अन्य संगठनों द्वारा लगातार संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों के समक्ष एनएच-4 की खराब स्थिति और धीमी गति से चल रहे कार्य का मुद्दा उठाया गया, लेकिन उत्तर एवं मध्य अंडमान में पुनर्वास कार्य शुरू होने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ और अब यह एक गंभीर स्वास्थ्य और पर्यावरणीय समस्या बन चुकी है। एनएच-4 की बिगड़ती स्थिति से परेशान होकर बिलिग्राउंड बाजार समिति ने 17-03-2026 से सभी दुकानों को बंद रखने का निर्णय लिया है और जब तक संबंधित प्राधिकरण बिटुमिनस कंक्रीट से सड़क की मरम्मत कर समस्या का समाधान नहीं करता, तब तक बाजार बंद रखने का निर्णय जारी रहेगा। आज बाजार बंद का तीसरा दिन है, जिससे पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। निवासी भी इस स्थिति से बेहद परेशान हैं। खराब होती वायु गुणवत्ता के कारण विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों में श्वसन संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। लोग अपने घरों की खिड़कियां बंद रखने के बावजूद धूल से नहीं बच पा रहे हैं, जो रसोई और शयन कक्ष तक पहुंच रही है, जिससे स्वच्छ हवा अब एक विलासिता बन गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हलदर ने 19 मार्च को उपायुक्त, उत्तर एवं मध्य अंडमान, मायाबंदर से मुलाकात कर उन्हें हालात से अवगत कराया। बैठक के दौरान उन्होंने कहा, “विकास लोगों के स्वास्थ्य की कीमत पर नहीं होना चाहिए। निर्माण एजेंसियां पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन कर रही हैं। मलबे पर पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा और हरित अवरोधों की कमी भी चिंताजनक है।” उपायुक्त से मुलाकात के अलावा उन्होंने मुख्य सचिव, अंडमान एवं निकोबार प्रशासन तथा महाप्रबंधक, एनएच-4 डिवीजन, मायाबंदर को भी तत्काल हस्तक्षेप और धूल नियंत्रण उपायों के सख्त पालन के लिए पत्र भेजा है। उपायुक्त ने आश्वासन दिया है कि वे इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों के साथ उठाएंगे और जल्द से जल्द आवश्यक कदम उठाकर स्थिति को सामान्य बनाने का प्रयास करेंगे। निर्माण कार्य जारी रहने के बीच क्षेत्र के लोग अब केवल सड़क का ही नहीं, बल्कि साफ हवा का भी इंतजार कर रहे हैं।


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