डिग्री से पहले अब स्किल की जरूरत: प्रधान

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने पारंपरिक शिक्षा में बदलाव का दिया संदेश, युवाओं को व्यवहारिक रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने पर करना होगा काम
डिग्री से पहले अब स्किल की जरूरत: प्रधान
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सर्जना शर्मा

नयी दिल्ली: केंद्र सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)2020 की सिफारिशों के तहत युवाओं को रोजगार से जोड़ने के मकसद से पारंपरिक शिक्षा में बदलाव की तैयारी कर रही है। अब डिग्री की पढ़ाई से पहले स्किल जरूरी होगा। पांरपरिक शिक्षा व्यवस्था में स्किल, एंटरप्रन्योरशिप और अप्रेंटिसशिप को शामिल किया जाएगा। इसके माध्यम से स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा में युवाओं को व्यवहारिक रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने पर काम किया जाएगा।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया, अब समय आ गया है कि जब देश को पारंपरिक शिक्षा की सीमाओं से बाहर निकलकर स्किल, एंटरप्रन्योरशिप और अप्रेंटिसशिप पर आधारित शिक्षा व्यवस्था पर काम करना होगा। आज की शिक्षा का उदेश्य युवाओं को केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि उन्हें व्यवहारिक रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना होगा।

लंबे समय तक देश में पढ़ाई किताबों और परीक्षाओं तक सीमित रही है। लेकिन बदलते दौर में इंडस्ट्री को ऐसे युवाओं की जरूरत है, जिनके पास काम करने की वास्तविक स्किल हो। विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल में भी डिग्री के साथ स्किल पर जोर दिया जाएगा। नेशनल ओपन स्कूल जैसे संस्थानों में स्कूली शिक्षा के साथ आईटीआई और इंडस्ट्री की ट्रेनिंग मिलेगी।

जोहो एजुकेशन मॉडल से सीख की जरूरत

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने तमिलनाडु के जोहो एजुकेशन मॉडल का उदाहरण देते हुए कहा, इससे सीख लेने की जरूरत है। वहां, पढ़ाई का फोकस क्लासरूम से ज्यादा स्किल सीखने पर होता है। छात्रों को शुरू से ही इंडस्ट्री की जरूरतों के मुताबिक तैयार किया जाता है, जिससे वो भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर रूप से तैयार हो पाते हैं।

टीसीएस जैसी इंडस्ट्री की स्किल आधारित टैलेंट की मांग

प्रधान ने कहा, टीसीएस जैसी बड़ी इंडस्ट्री भी अब स्किल आधारित टैलेंट को प्राथमिकता दे रही है। इंडस्ट्री ऐसे युवाओं को आगे बढ़ा रही है जो नई सोच रखते हों। इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप में काम कर सकें। इंडस्ट्री मांग और युवाओं को रोजगार से जोड़ने के मकसद से पिछले दिनों संसद में प्रस्तावित विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल के ड्रॉफ्ट में स्किल डेवलपमेंट, एंटरप्रेन्योरशिप और अप्रेंटिसशिप पर फोकस किया गया है। ताकि विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा के दौरान डिग्री के साथ युवाओं को इंडस्ट्री की जरूरतों के आधर पर कौशल विकास की ट्रेनिंग करवाई जाए।

एआई से शिक्षा, स्किल, रोजगार में बदलाव

प्रधान ने कहा कि विकसित भारत के सपने को पूरा करने के लिए टेक्नोलॉजी को अपनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, के बदलते दौर में आज ड्रोन टेक्नोलॉजी से कृषि क्षेत्र में तेजी आई। इसी तरह, एआई से शिक्षा, स्किल व रोजगार में बदलाव आएगा।

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