

नयी दिल्ली, इंद्राणी : पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया से जुड़ी कथित मौतों को लेकर तृणमूल कांग्रेस राजधानी दिल्ली में बड़े आंदोलन की तैयारी में है। पार्टी ने 2 फरवरी को एक व्यापक विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम तय किया है। दोपहर 12 बजे से जंतर-मंतर पर बंगाल से आए करीब 150 मृतकों के परिजन धरना देंगे। इसके बाद लगभग 3 बजे ये सभी जुलूस के रूप में राष्ट्रीय चुनाव आयोग तक जाएंगे।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, उसी दिन शाम 4 बजे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात करेंगी। तृणमूल सूत्रों के मुताबिक, इस प्रतिनिधिमंडल में पीड़ित परिवारों के 15 सदस्य भी शामिल होंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री के दिल्ली प्रवास के दौरान कई वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं से मुलाकात की भी संभावना है। इस आंदोलन को सफल बनाने के उद्देश्य से तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी शनिवार को दिल्ली पहुंचेंगे। उनके पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने की संभावना है। राज्य के विभिन्न हिस्सों से एसआईआर प्रक्रिया से प्रभावित मृतकों के माता-पिता, पति-पत्नी और बच्चे पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं।
उन्हें ट्रेन और फ्लाइट के जरिए लाया गया है तथा ठहरने की व्यवस्था दिल्ली स्थित बंग भवन और कैलाश कॉलोनी के गेस्ट हाउस में की गई है। अभिषेक बनर्जी 1 फरवरी को संसद के बजट सत्र में भी हिस्सा लेंगे, हालांकि मुख्य कार्यक्रम 2 फरवरी को होगा। दलीय सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 1 फरवरी को बजट पेश होने के बाद शाम करीब 5 बजे दिल्ली पहुंचेंगी। अगले दिन जंतर-मंतर पर धरना और चुनाव आयोग तक मार्च के साथ दिल्ली का सियासी माहौल गरमाने की संभावना है। तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि एसआईआर प्रक्रिया से उपजा भय और मानसिक दबाव केवल प्रशासनिक मुद्दा नहीं, बल्कि मानवाधिकार और लोकतांत्रिक अधिकारों का गंभीर प्रश्न है। पार्टी इस आंदोलन के जरिए एसआईआर के कथित “अंधेरे पक्ष” को राष्ट्रीय राजनीति के सामने रखकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाना चाहती है।