सिप्पीघाट में बिना पंजीकरण चल रही फर्नीचर इकाई से मशीनें जब्त

वन विभाग की कार्रवाई में कई उपकरण भी जब्त
समाचार 5 के लिए फोटो कैप्शन: अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह वन विभाग के वन सदन का दृश्य।
समाचार 5 के लिए फोटो कैप्शन: अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह वन विभाग के वन सदन का दृश्य।
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजय पुरम -- 10 सितंबर 2026 को नियमित गश्त के दौरान स्याम सुंदर राव, वनपाल, ने एक मजदूर के साथ जोड़ा किलान, सिप्पीघाट राजस्व क्षेत्र में बिना पंजीकरण चल रही एक फर्नीचर इकाई का पता लगाया। यह इकाई “द हैंडी क्राफ्ट्समैन, कारपेंटरी एंड हैंडीक्राफ्ट्स वर्कशॉप” के नाम से संचालित की जा रही थी और इसका संचालन गराचरमा निवासी शंकर हलदर द्वारा किया जा रहा था।

मामले की सूचना तत्काल गराचरमा के वन परिक्षेत्र अधिकारी को दूरभाष के माध्यम से दी गई। इसके बाद गराचरमा के वन परिक्षेत्र अधिकारी ने सहायक वन रक्षक अरबिंद पहाड़ी, वन रक्षक जाबीन अहमद तथा अन्य कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचकर आगे की जांच की। जांच के दौरान परिसर से 1 खराद मशीन, जिसमें 12 इंच की गोल आरी लगी हुई थी, अर्धनिर्मित हस्तशिल्प सामग्री, 1 विद्युत ड्रिल, 1 रंदा मशीन, 1 नक्काशी मशीन तथा विभिन्न आकार के 10 प्रकार के औजार जब्त किए गए।

उपरोक्त सामान को भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 52(1) के अंतर्गत संबंधित व्यक्ति के कब्जे से जब्त किया गया। यह कार्रवाई अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह वन उपज परिवहन नियमों के उन लागू प्रावधानों के उल्लंघन के मामले में की गई, जो फर्नीचर इकाइयों के पंजीकरण तथा मशीनों और आरी के उपयोग से संबंधित हैं।

जब्त की गई सभी वस्तुओं को संबंधित व्यक्ति के साथ गराचरमा के वन परिक्षेत्र अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इसके बाद जब्त सामान को सुरक्षित अभिरक्षा के लिए गराचरमा के मुख्यालय प्रभारी अधिकारी को सौंप दिया गया। पूरी कार्रवाई वन परिक्षेत्र अधिकारी गराचरमा वन रेंजर एरुलराजन की समग्र निगरानी में की गई।

दक्षिण अंडमान वन प्रभाग ने आम जनता से अपील की है कि द्वीपों के वन और वन्यजीवों की सुरक्षा में विभाग के साथ सहयोग करें। विभाग ने लोगों से अवैध शिकार, वन्यजीवों के अवैध कब्जे, परिवहन, भंडारण अथवा वन कानूनों के उल्लंघन से जुड़ी किसी भी अन्य गतिविधि के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।

विभाग ने ऐसी जानकारी देने के लिए सहायता दूरभाष संख्या 03192-255228 जारी की है। विभाग के अनुसार सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

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