

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं तमिलनाडु प्रभारी तथा दक्षिण अंडमान जिला कांग्रेस कमेटी के संगठन सृजन अभियान (एसएसए) पर्यवेक्षक निवेदित अल्वा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी देशभर में संगठन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से व्यापक पुनर्गठन अभियान चला रही है, जिसके तहत जिला कांग्रेस कमेटियों को सशक्त बनाने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दक्षिण अंडमान डीसीसी अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया अगले एक माह के भीतर पूरी हो जाएगी। दक्षिण अंडमान दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए अल्वा ने बताया कि वर्ष 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तथा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में "ईयर ऑफ ऑर्गेनाइजेशन" के रूप में मनाया जा रहा है। इसी उद्देश्य से पूरे देश में संगठन सृजन अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत जिला कांग्रेस कमेटियों का पुनर्गठन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि देशभर में कांग्रेस की 1,100 से अधिक जिला कांग्रेस कमेटियां हैं। इस अभियान के तहत एआईसीसी के वरिष्ठ पदाधिकारियों, पूर्व एवं वर्तमान सांसदों, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों तथा संगठनात्मक अनुभव रखने वाले वरिष्ठ नेताओं को विभिन्न जिलों में पर्यवेक्षक बनाकर भेजा गया है। ये पर्यवेक्षक सात से दस दिनों तक संबंधित जिलों में रहकर ब्लॉक स्तर तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं नेताओं से मुलाकात करते हैं, उनकी राय लेते हैं तथा संगठन की स्थिति का आकलन करते हैं। इसी फीडबैक के आधार पर नए जिला कांग्रेस अध्यक्ष का चयन किया जाएगा। निवेदित अल्वा ने कहा कि अब तक देशभर में 700 से अधिक जिला कांग्रेस कमेटियों में यह प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। नए डीसीसी अध्यक्षों के चयन के बाद उन्हें दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में बुलाया जाएगा, जहां राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल तथा कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) के वरिष्ठ सदस्य संगठन संचालन, नेतृत्व क्षमता और भविष्य की जिम्मेदारियों को लेकर प्रशिक्षण देंगे। उन्होंने बताया कि दक्षिण अंडमान में उनका दौरा लगभग पूरा हो चुका है। केवल नील द्वीप, हैवलॉक तथा कुछ अन्य क्षेत्रों का दौरा प्रतिकूल मौसम के कारण नहीं हो सका, जिसे दूसरे चरण में पूरा किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि दक्षिण अंडमान डीसीसी अध्यक्ष के चयन की पूरी प्रक्रिया अगले एक महीने के भीतर संपन्न हो जाएगी। अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के बारे में अपने अनुभव साझा करते हुए अल्वा ने कहा कि यह स्थान वास्तव में "भारत का सर्वश्रेष्ठ स्वरूप" प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि यहां देश के लगभग हर राज्य, भाषा, धर्म और संस्कृति के लोग एक साथ रहते हैं। एक ही परिवार में विभिन्न राज्यों एवं समुदायों के सदस्य मिलना यहां सामान्य बात है और सभी त्योहार मिल-जुलकर मनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अंडमान की यही विविधता, सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता की भावना इसे पूरे भारत का प्रतिनिधित्व करने वाला अनूठा प्रदेश बनाती है। "यदि भारत की विविधता को एक स्थान पर देखना हो तो अंडमान उससे बेहतर उदाहरण है," उन्होंने कहा।