

रियाद : सऊदी अरब की राजधानी रियाद में सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको की एक प्रशासनिक इमारत रविवार को हमले की कोशिश के बाद गिरे मलबे से क्षतिग्रस्त हो गई। ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। मंत्रालय ने नुकसान को सीमित बताया है। इससे पहले सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा था कि उसने यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की ओर से रियाद की तरफ दागी गई दो मिसाइलों को रोक दिया। राजधानी में रविवार सुबह कई जोरदार धमाकों की आवाज भी सुनी गई। सिविल डिफेंस ने संभावित खतरे को लेकर चेतावनी जारी की थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया। इससे पहले तेल और गैस संपदा वाले पूर्वी प्रांत के कई इलाकों में भी अलर्ट जारी किया गया था। अक्टूबर में अरामको के मुख्यालय को एक हमले में भारी नुकसान पहुंचा था। जुलाई से हूती विद्रोहियों के मिसाइल और ड्रोन हमले तेज हुए हैं। इससे 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुआ संघर्षविराम प्रभावी रूप से टूट गया है। ताजा तनाव से एक दिन पहले हूती स्वास्थ्य मंत्रालय ने सना के पास सऊदी हवाई हमलों में कम से कम 33 लोगों की मौत का दावा किया था। सऊदी अधिकारियों ने कहा है कि वे घटना की जांच कर रहे हैं।
सऊदी के पूर्वी प्रांत में अलर्ट हटा, मिसाइल नाकाम
सऊदी अरब के नागरिक सुरक्षा विभाग ने रविवार को देश के तेल समृद्ध पूर्वी प्रांत के कई इलाकों से सुरक्षा अलर्ट हटा लिया। इनमें धहरान, दमाम, अबकैक और अल-अहसा प्रांत शामिल हैं। इससे कुछ देर पहले संभावित खतरे को लेकर चेतावनी जारी की गई थी। धहरान में सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको का मुख्यालय स्थित है। अक्टूबर में हुए एक हमले में इस मुख्यालय को भारी नुकसान पहुंचा था। पूर्वी प्रांत में सऊदी अरब के अधिकांश तेल और गैस भंडार मौजूद हैं। अलर्ट हटाए जाने के कुछ ही देर बाद यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ लड़ रहे सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया कि उसने पूर्वी क्षेत्र की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को बीच रास्ते में ही रोक दिया।