

बैंकॉक : अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने शुक्रवार को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के जोखिमों पर अंकुश लगाने के लिए तत्काल सुरक्षा मानक बनाने की जरूरत बताई। उन्होंने एआई की तुलना फॉर्मूला-1 रेस कार से करते हुए कहा कि अनियंत्रित तकनीक लोगों के लिए खतरा बन सकती है। विश्व अर्थव्यवस्था पर एआई के प्रभाव से जुड़ी परिचर्चा में जॉर्जीवा ने कहा कि यह तकनीक मानवता के लिए बड़ा वरदान हो सकती है, लेकिन इसके जोखिमों की अनदेखी नहीं की जा सकती। एंथ्रोपिक के सह-संस्थापक जैक क्लार्क ने भी एआई के नियमन में तेजी लाने की वकालत की। जॉर्जीवा के अनुसार, आईएमएफ के अध्ययन में एआई से रोजगार पर तीन तरह के प्रभाव सामने आए हैं। इससे कुछ नौकरियां बदलेंगी या नए अवसर पैदा होंगे, जबकि दोहराव वाले काम खत्म हो सकते हैं। निवेश बढ़ने से सेवा क्षेत्र में भी रोजगार पैदा हो सकता है। बैंक ऑफ कनाडा के गवर्नर टिफ मैकलम ने कहा कि एआई से कुल मिलाकर लाभ होगा, लेकिन कुछ लोगों को नौकरी गंवानी पड़ सकती है। ऐसे प्रभावित कर्मचारियों की मदद के लिए व्यवस्था जरूरी है।