

काठमांडू : भारतीय आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने हिमालयी क्षेत्र में आपदाओं से निपटने के लिए सहयोग मजबूत करने के उद्देश्य से भारत, चीन, पाकिस्तान, नेपाल और भूटान को मिलाकर ‘हिमालय बोर्ड’ बनाने का आह्वान किया है। काठमांडू में आयोजित ‘नेपाल के साथ एकजुटता’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सद्गुरु ने नेपाल के प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में एक करोड़ रुपये देने का भी संकल्प लिया। उन्होंने कहा, “पहाड़ आपकी राजनीतिक संबद्धता को नहीं जानते। वे यह भी नहीं जानते कि आप क्या कहते हैं या कौन-सी भाषा बोलते हैं।”“हिमालय इस धरती की सबसे अद्भुत और भव्य प्राकृतिक विशेषता है। साथ ही, यह बेहद संवेदनशील भी है।” उन्होंने ऐसी संस्था के तत्काल गठन की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, “इन सभी देशों को मिलाकर एक निकाय बनना चाहिए, जहां से हिमालय की पर्वत शृंखलाएं गुजरती हैं।” ‘नेपाल के साथ एकजुटता’ कार्यक्रम में आपदा से प्रभावित लोगों के समर्थन में काठमांडू में लोग एकजुट हुए। सद्गुरु ने तत्काल राहत से आगे बढ़कर हिमालय के प्रति साझा और दीर्घकालिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। इस आपदा के बाद ईशा फाउंडेशन के 77 तीर्थयात्रियों का एक समूह भी लापता है। सद्गुरु द्वारा स्थापित ईशा फाउंडेशन के नेतृत्व में गया 77 सदस्यीय यह समूह अब भी संपर्क से बाहर है। ईशा फाउंडेशन हर वर्ष कैलाश मानसरोवर की कई तीर्थयात्राओं का आयोजन करता है।