

पुरीः पुरी में श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने अपने अतिथि गृहों में श्रद्धालुओं की चार पहिया वाहनों के लिए 500 रुपये पार्किंग शुल्क लगाने का फैसला किया है जिसका पर्यटकों, सेवायतों और राजनीतिक दलों के नेताओं ने कड़ा विरोध किया है।
एक अधिसूचना में एसजेटीए ने कहा कि उसके चार ‘भक्त निवास’ में ठहरने वाले अतिथियों को 24 घंटे के लिए चार पहिया वाहन खड़ा करने पर 18 प्रतिशत जीएसटी (माल एवं सेवा कर) सहित 500 रुपये का भुगतान करना होगा।
एसजेटीए के मुख्य प्रशासक अरविंद पाढ़ी ने कहा कि यह निर्णय पार्किंग प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने और पार्किंग स्थलों के बेहतर प्रबंधन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है और इससे आगंतुकों की सुविधा में सुधार होगा। हालांकि, विभिन्न पक्षों से आपत्तियों के बाद पुरी की जिलाधिकारी दिव्या ज्योति परिदा ने कहा कि प्रशासन इस निर्णय पर पुनर्विचार करेगा। परिदा एसजेटीए की उप मुख्य प्रशासक भी हैं।
उन्होंने बृहस्पतिवार को पत्रकारों से कहा, ‘हम पार्किंग शुल्क पर पुनर्विचार करेंगे। संबंधित अधिकारी से बात करने के बाद आपको सूचित किया जाएगा।’
बीजद ने की आलोचना
पुरी से बीजू जनता दल (बीजद) विधायक सुनील कुमार मोहंती ने तत्काल इसे वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि पुरी और देश के अन्य हिस्सों में होटल पार्किंग के लिए मेहमानों से अलग से शुल्क नहीं लिया जाता है।
उन्होंने कहा,‘इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।’ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थानीय सांसद संबित पात्रा ने कहा कि उन्हें इस घटनाक्रम की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हमारी सरकार ऐसा फैसला लेगी जो सभी, विशेषकर गरीबों के लिए अच्छा हो।’ ओडिशा कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने इस कदम का विरोध किया।