

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : ग्रेट निकोबार के कैंपबेल बे क्षेत्र के निवासियों को इन दिनों निर्धारित बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। द्वीप क्षेत्र में विद्युत उत्पादन के लिए उपयोग किए जाने वाले हाई-स्पीड डीजल की कमी के कारण विद्युत विभाग ने विभिन्न क्षेत्रों में रोटेशनल लोड शेडिंग लागू की है। विद्युत विभाग द्वारा 4 जून को जारी एक परिपत्र के अनुसार, ग्रेट निकोबार के विभिन्न हिस्सों में हाई-स्पीड डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध नहीं होने के कारण यह व्यवस्था लागू की गई है। विभाग ने कहा है कि सामान्य डीजल भंडार बहाल होने तक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बिजली आपूर्ति में कटौती जारी रहेगी। जारी अस्थायी कार्यक्रम के अनुसार, कोस्ट गार्ड, आईएनएस बाज तथा सेना के प्रतिष्ठानों सहित रक्षा क्षेत्र में शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। वहीं कमल बस्ती, मेन बाजार, मेडिकल कॉलोनी, बाबू लेन, साईं बाबा मंदिर क्षेत्र, राजीव नगर, आरपीआरएस तथा गोविंद नगर क्षेत्रों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच विभिन्न ट्रांसफार्मरों के अंतर्गत दो-दो घंटे की रोटेशनल बिजली कटौती की जाएगी। इसके अतिरिक्त जोगिंदर नगर से शास्त्री नगर तक के उपभोक्ताओं को सुबह 7 बजे से 10 बजे तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा। विद्युत विभाग ने स्थानीय निवासियों से सहयोग की अपील करते हुए बिजली का विवेकपूर्ण उपयोग करने का आग्रह किया है। विभाग ने अनावश्यक विद्युत खपत को कम करने, गैर-आवश्यक उपकरणों को बंद रखने तथा व्यस्त समय के दौरान अधिक बिजली खपत वाले उपकरणों के उपयोग से बचने की सलाह दी है। यह स्थिति एक बार फिर ग्रेट निकोबार की विद्युत व्यवस्था की संवेदनशीलता को उजागर करती है, जो अभी भी बड़े पैमाने पर श्री विजयापुरम से डीजल की समय पर आपूर्ति पर निर्भर है। आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी प्रकार की बाधा अथवा देरी का सीधा प्रभाव द्वीप में ईंधन उपलब्धता और बिजली आपूर्ति पर पड़ता है, जिससे स्थानीय निवासियों और संस्थानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ताजा डीजल संकट ने ग्रेट निकोबार में ईंधन भंडारण प्रबंधन तथा आपातकालीन वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। विशेष रूप से कैंपबेल बे एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक और सामरिक केंद्र होने के कारण यहां निर्बाध बिजली आपूर्ति अत्यंत आवश्यक मानी जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए संबंधित अधिकारियों को एचएसडी की समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ पर्याप्त आरक्षित भंडार बनाए रखने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे। इससे बार-बार उत्पन्न होने वाली बिजली आपूर्ति बाधित होने की समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकेगा और द्वीपवासियों को अधिक विश्वसनीय विद्युत सेवा उपलब्ध हो सकेगी।