

काठमांडू : नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में शनिवार को मौसम विभाग ने फिर भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी दी है। इससे जारी राहत और बचाव अभियान प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बुधवार को ग्लेशियर टूटने से बर्फ और चट्टानों का मलबा नीचे आया था, जिससे अचानक आई बाढ़ ने मध्य नेपाल में भारी तबाही मचाई। हादसे में मृतकों की संख्या 600 से अधिक हो गई है, जबकि 2,400 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। राहत एवं बचाव दलों ने करीब 2,500 लोगों को सुरक्षित निकाला है, जिनमें 163 विदेशी नागरिक शामिल हैं। बचाव अभियान में नेपाल सेना के 5,000 से अधिक जवानों समेत 11,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी लगाए गए हैं। मौसम विभाग ने कोशी, बागमती और गंडकी प्रांतों के पहाड़ी व पर्वतीय क्षेत्रों समेत कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
मौसम विज्ञानी हरि प्रसाद दहाल ने बताया कि रसुवा के बाढ़ प्रभावित भोटेकोशी क्षेत्र में शनिवार को कई जगह मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश की आशंका है, जिससे खोज एवं बचाव अभियान प्रभावित हो सकता है।
इस बीच, भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ने से फिर बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। चीन ने भी तिब्बत में नदी के उद्गम के पास एक नई झील बनने की चेतावनी दी है। इसके टूटने पर नेपाल के निचले इलाकों में दोबारा बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।