गणतंत्र दिवस परेड: 'ऑपरेशन सिंदूर' की L-70 गन बनी आकर्षण

रोबोटिक म्यूल और भैरव बटालियन भी शामिल
गणतंत्र दिवस परेड: 'ऑपरेशन सिंदूर' की L-70 गन बनी आकर्षण
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प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता: 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान दिखाई गई वीरता को याद करते हुए सोमवार को 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कोलकाता के रेड रोड पर भव्य परेड और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सुबह 10:20 बजे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं। 10:30 बजे राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस के आगमन के बाद 10:34 बजे उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके तुरंत बाद भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टरों ने आसमान से पुष्पवर्षा की और 10:36 बजे औपचारिक रूप से मार्च-पास्ट शुरू हुआ।

भैरव बटालियन ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन

इस वर्ष की परेड का सबसे बड़ा आकर्षण भारतीय सेना की नई विशेष इकाई 'भैरव बटालियन' रही, जिसने पहली बार रेड रोड पर कदमताल की। साथ ही रूसी मूल की L-70 एंटी एयरक्राफ्ट गन, जिसे 'ऑपरेशन सिंदूर' में इस्तेमाल किया गया था, का भी प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा रॉकेट लॉन्चर, रोबोटिक म्यूल, ग्राउंड रोबोट्स, ‘ऐरावत’ और ‘पंचनाग’ जैसे आधुनिक सैन्य प्लेटफॉर्म भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने। मार्च-पास्ट में भारतीय थलसेना की इन्फैंट्री और आर्टिलरी टुकड़ियां, नौसेना और वायुसेना के कंटिन्जेंट, असम रेजिमेंट और गोरखा रेजिमेंट के आर्मी बैंड, कोलकाता पुलिस, डीएमजी यूनिट, पुलिस रैफ, महिला रैफ टुकड़ी और पुलिस बैंड ने अनुशासित कदमताल के साथ सलामी दी। कोलकाता पुलिस की मोटर साइकिल टुकड़ी और पश्चिम बंगाल व कोलकाता पुलिस की 'विजेता' टीम को भी विशेष रूप से सराहा गया। इसके अलावा विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने भी मार्च-पास्ट में भाग लिया।

गंगासागर सेतु की आधारशिला रखे जाने की झलक

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में चाय बागान का नृत्य, आदिवासी नृत्य, सुंदरबन पर आधारित प्रस्तुति, बंगाल के बाउल गीत और ‘बनबीबी की पालागान’ का मंचन किया गया, साथ ही गंगासागर सेतु की आधारशिला रखे जाने की झलक दिखाई गई जिसका उद्घाटन स्वयं मुख्यमंत्री ने इस महीने की शुरुआत में किया था। इस अवसर पर 'मिशनरीज ऑफ चैरिटी' द्वारा संचालित 44 विशेष रूप से सक्षम बच्चों की टीम विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुई। समारोह का समापन पुलिस बैंड द्वारा राष्ट्रगान के साथ हुआ।सांस्कृतिक कार्यक्रमों में चाय बागान का नृत्य, आदिवासी नृत्य, सुंदरबन पर आधारित प्रस्तुति, बंगाल के बाउल गीत और ‘बनबीबी की पालागान’ का मंचन किया गया, साथ ही गंगासागर सेतु की आधारशिला रखे जाने की झलक दिखाई गई जिसका उद्घाटन स्वयं मुख्यमंत्री ने इस महीने की शुरुआत में किया था। इस अवसर पर 'मिशनरीज ऑफ चैरिटी' द्वारा संचालित 44 विशेष रूप से सक्षम बच्चों की टीम विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुई। समारोह का समापन पुलिस बैंड द्वारा राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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