ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी, दबाव से कूटनीति पटरी से उतरेगी

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका को चेताया
ran warns pressure will derail diplomacy
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन
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बिश्केक : मध्य-पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच फिर से सैन्य टकराव के बाद दोनों देशों के बीच चल रही नाजुक कूटनीतिक प्रक्रिया पर दबाव बढ़ गया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने चेतावनी दी है कि अमेरिका की ओर से दोबारा धमकियों और आर्थिक दबाव की नीति अपनाने से बातचीत की कोशिशें पटरी से उतर सकती हैं। वहीं, अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार रहने के संकेत दिए हैं। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में पेजेशकियन ने अमेरिका पर इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं का बार-बार उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत को ही समाधान का बेहतर रास्ता मानता है, लेकिन किसी भी समझौते के पालन की विश्वसनीय गारंटी जरूरी है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रतिबद्धताओं के लगातार उल्लंघन और दबाव तथा धमकियों की वापसी से कूटनीति का रास्ता बाधित हो सकता है। पेजेशकियन ने संकेत दिया कि यदि अमेरिका जून में हुए समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं पर लौटता है तो ईरान भी तत्काल इसका जवाब देगा। उनका यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सैन्य हमलों के बाद आया है। इस घटनाक्रम से संघर्ष के दोबारा व्यापक सैन्य टकराव में बदलने की आशंका बढ़ गई है। पाकिस्तान भी समझौते के क्रियान्वयन के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहा है। SCO सम्मेलन से इतर पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात कर दोनों पक्षों से समझौते को ईमानदारी से लागू करने की अपील की।

ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए आगे भी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने भी अमेरिका की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि मध्यस्थता के प्रयास जारी हैं और तेहरान ने कूटनीति का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं किया है।

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