राम मंदिर दान विवाद: राहुल-खड़गे ने पीएम मोदी से मांगी स्वतंत्र जांच

अयोध्या राम जन्मभूमि ट्रस्ट में दान राशि के कथित गबन पर कांग्रेस का हमला, राहुल-खड़गे ने श्रद्धालुओं की आस्था का हवाला देकर पीएम से जवाबदेही और स्वतंत्र जांच की मांग की
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई और मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया।
राम मंदिर दान विवाद मामले में राहुल-खड़गे ने पीएम मोदी से की स्वतंत्र जांच की मांग
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नई दिल्ली : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान राशि के कथित गबन के मामले की स्वतंत्र और व्यापक जांच कराने की मांग की है।

दोनों नेताओं ने कहा कि लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था और विश्वास के साथ दान दिया था, लेकिन कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले पर प्रधानमंत्री की चुप्पी उचित नहीं है और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।

पत्र में क्या कहा गया

राहुल गांधी और खड़गे ने पत्र में लिखा कि ट्रस्ट का गठन संसद में प्रधानमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप घोषित किया था, जबकि इसके सभी सदस्यों की नियुक्ति केंद्र सरकार ने की। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट के सदस्य आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और उससे जुड़े संगठनों से जुड़े रहे हैं।

दोनों नेताओं ने मांग की कि ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन, नकद दान, सोना-चांदी सहित सभी चढ़ावों की स्वतंत्र जांच कराई जाए और जांच रिपोर्ट तथा ट्रस्ट के खातों को सार्वजनिक किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को पता चल सके कि उनका दान किस तरह उपयोग में लाया गया।

जयराम रमेश ने भी उठाई मांग

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी सोशल मीडिया पर पत्र साझा करते हुए प्रधानमंत्री से इस मामले में चुप्पी तोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के गठन की घोषणा प्रधानमंत्री ने स्वयं संसद में की थी, इसलिए सरकार को इस मामले में स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

क्या है मामला

यह विवाद उस समय सामने आया जब अयोध्या राम मंदिर में दान राशि के कथित गबन की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) गठित किया। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई और मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। जांच फिलहाल जारी है।

प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई और मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया।
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