रेलवे बोर्ड का बड़ा फैसला: पैंट्री कारों में 15 दिन का फायर सेफ्टी ड्राइव शुरू

नागदा और सासाराम जैसी आग की घटनाओं के बाद रेलवे का सख्त रुख, पैंट्री कारों पर विशेष निगरानी के साथ सभी कोचों में हाई-टेक वायरिंग और कर्मचारियों के प्रशिक्षण की तैयारी
पैंट्री कार में सुरक्षा को लेकर रेलवे है गंभीर
रेलवे नेटवर्क में एक विशेष फायर सेफ्टी ड्राइव शुरू करने का आदेश
Published on

Railway Board ने हाल ही में ट्रेन में आग लगने की घटनाओं के बाद पूरे रेलवे नेटवर्क में एक विशेष फायर सेफ्टी ड्राइव शुरू करने का आदेश जारी किया है। यह अभियान खास तौर पर ट्रेनों की पैंट्री कारों की सुरक्षा जांच पर केंद्रित रहेगा, जहां यात्रा के दौरान खाना बनाने और इलेक्ट्रिकल उपकरणों का इस्तेमाल होता है।

New Delhi से जारी आधिकारिक निर्देश के अनुसार यह 15 दिन का विशेष अभियान 17 जून तक चलाया जाएगा। इसकी शुरुआत 3 जून से हो चुकी है। इसमें वाणिज्य, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल विभागों की संयुक्त टीमें ट्रेन संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों की जांच करेंगी। अधिकारियों को रोजाना रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए गए हैं।

आगजनी की घटनाओं के बाद रेलवे ने उठाया कदम

यह कदम मध्य प्रदेश के नागदा और बिहार के सासाराम में हाल ही में हुई आग की घटनाओं के बाद उठाया गया है, जिनमें ट्रेन के कोचों में आग लगने की घटनाएं सामने आई थीं। इन घटनाओं ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान के दौरान पैंट्री कारों में फायर सेफ्टी मानकों, वायरिंग सिस्टम, रखरखाव और संचालन नियमों की गहन जांच की जाएगी। लाइन स्टाफ से लेकर वरिष्ठ निरीक्षकों तक सभी को नियमित जांच और निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

सभी कोचों में आधुनिक और हाई-टेक वायरिंग सिस्टम की तैयारी

Railway Board ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में सभी कोचों में आधुनिक और हाई-टेक वायरिंग सिस्टम अपनाया जाएगा, ताकि आग लगने की घटनाओं को रोका जा सके। साथ ही रेलवे कर्मचारियों को आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए विशेष प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम चलाने पर भी जोर दिया गया है।

Google पर संवाद सर्च बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in