114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी

नौसेना के लिए भी खरीदे जायेंगे छह P-81 समुद्री गश्ती विमान, DAC ने दी 3.60 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी
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वायुसेना खरीदेगी 114 राफेल लड़ाकू विमान
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नयी दिल्ली : रक्षा मंत्रालय ने वायुसेना और नौसेना की ताकत में इजाफा करने के लिए फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान और अमेरिका छह P-81 समुद्री गश्ती विमानों की खरीद के लिए मंजूरी दे दी है। सौदा पूरा होने पर वायुसेना के बेड़े में लगभग 150 राफेल फाइटर जेट हो जायेंगे, वहीं नौसेना 26 कैरियर-कम्पैटिबल राफेल विमान शामिल करेगी।

मैक्रों की भारत यात्रा से ठीक चार दिन पहले दी गयी मंजूरी

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की गुरुवार को हुई बैठक में कुल 3.60 लाख करोड़ रुपये के सैन्य उपकरणों के पूंजीगत अधिग्रहण को मंजूरी गयी। राफेल विमानों की खरीद को मंजूरी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा से ठीक चार दिन पहले मिली। इस सौदे को हालांकि अंतिम रूप देने के लिए औपचारिक अनुबंध इस साल के अंत से पहले होने की संभावना नहीं है क्योंकि रक्षा मंत्रालय को अब हथियारों के पैकेज की लागत और सभी विवरणों को अंतिम रूप देने के लिए दसॉल्ट एविएशन के साथ बातचीत करनी होगी।

अप्रैल 2019 में वायुसेना ने प्रारंभिक निविदा जारी की

अप्रैल 2019 में भारतीय वायुसेना ने लगभग 18 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत से 114 बहु-भूमिका लड़ाकू विमान (MRFA) की खरीद के लिए एक RFI (सूचना के लिए अनुरोध) या प्रारंभिक निविदा जारी की। इसे हाल के वर्षों में दुनिया के सबसे बड़े सैन्य खरीद कार्यक्रमों में से एक के रूप में प्रचारित किया गया था। इस परियोजना के अन्य दावेदारों में लॉकहीड मार्टिन का एफ-21, बोइंग का F/A-18 और यूरोफाइटर टाइफून शामिल थे। लड़ाकू विमानों की खरीद का यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारतीय वायुसेना के लड़ाकू स्क्वाड्रन की संख्या आधिकारिक तौर पर स्वीकृत 42 की संख्या से घटकर 31 रह गयी है। इसके साथ ही DAC ने भारतीय नौसेना की ताकत में इजाफा के लिए छह P-81 समुद्री गश्ती विमानों की खरीद को भी मंजूरी दी है हालांकि DAC की मंजूरी के बाद इस सौदे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली सुरक्षा संबंधी कैबिनेट कमेटी से भी मंजूरी लेनी होगी।

भारत में ही बनाये जायेंगे 96 विमान

इस प्रस्ताव के अनुसार भारत फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन से 18 राफेल विमान सीधे खरीदेगा। बाकी 96 विमान भारत में ही बनाये जायेंगे। इनमें से कुछ विमान दो सीट वाले होंगे, जिनका उपयोग पायलटों को ट्रेनिंग देने के लिए किया जायेगा। इस सौदे में आधुनिक तकनीक भारत को देने और ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने की बात भी शामिल है।

नौसेना ने भी दिया राफेल विमानों का ऑर्डर

भारतीय नौसेना ने भी ‘M’ वेरिएंट के 26 राफेल विमानों का ऑर्डर भी दिया गया है, जिनकी कीमत करीब 63,000 करोड़ रुपये है। नौसेना के ये राफेल विमान विमानवाहक पोत ‘INS विक्रांत’ और ‘INS विक्रमादित्य’ से उड़ान भरेंगे। इस सौदे में विमानों की मरम्मत, रखरखाव, जरूरी सामान और कर्मचारियों की ट्रेनिंग की व्यवस्था भी शामिल है।

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