

टोरंटो : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के प्रस्तावित कनाडा दौरे को लेकर वहां विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। कनाडा के दो सांसदों ने प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की सरकार से भागवत को देश में प्रवेश के लिए अयोग्य घोषित करने और आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। सार्वजनिक सुरक्षा, विदेश मामलों तथा आव्रजन, शरणार्थी एवं नागरिकता मंत्रियों को लिखे खुले पत्र में सांसद हीथर मैकफर्सन और जेनी क्वान ने कहा कि भागवत की कनाडा में मौजूदगी कनाडाई नागरिकों के लिए खतरा होगी और वह देश में स्वागत योग्य नहीं हैं। दोनों सांसदों ने सरकार से आरएसएस और उसके सदस्यों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। भागवत आरएसएस के शताब्दी वर्ष के अवसर पर संगठन के अंतरराष्ट्रीय संपर्क कार्यक्रम के तहत इस महीने के अंत में अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन की यात्रा करने वाले हैं। दोनों सांसद न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) से संबंधित हैं। इस पार्टी का हाल तक नेतृत्व जगमीत सिंह कर रहे थे। भारत ने 2013 में 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर उनके रुख और खालिस्तानी गतिविधियों से कथित संबंधों के कारण उन्हें वीजा देने से इनकार कर दिया था।