डिगलीपुर में बिजली संकट गहराया, स्थायी समाधान की मांग तेज

जनरेटर हटाने के बाद बढ़ी समस्या, वैकल्पिक व्यवस्था नहीं
डिगलीपुर में बिजली संकट गहराया, स्थायी समाधान की मांग तेज
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : डिगलीपुर क्षेत्र इन दिनों गंभीर बिजली संकट से जूझ रहा है, जहां लगातार बिजली कटौती और अपर्याप्त ढांचा आम जनजीवन को प्रभावित कर रहा है। सन्मार्ग से बात करते हुए पंचायत समिति प्रमुख दीपांकर मिस्त्री ने बताया कि यह संकट पिछले वर्ष और बढ़ गया, जब स्वराज द्वीप में खराबी के बाद डिगलीपुर का एक बड़ा जनरेटर सेट वहां स्थानांतरित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि डिगलीपुर के लिए नया या पर्याप्त विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा, लेकिन अब तक केवल पुरानी और अपर्याप्त मशीन ही लगाई गई है। उन्होंने आगे बताया कि इस मुद्दे को लेकर पिछले वर्ष पंचायती राज सदस्यों द्वारा विरोध प्रदर्शन भी किया गया था और संबंधित अधिकारियों को पत्र भी भेजे गए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। मिस्त्री ने बताया कि नवग्राम स्थित बांध में जल स्तर कम होने के कारण स्थिति और गंभीर हो गई है। सूखे के मौसम में पानी का स्तर घटने से कालपोंग जलविद्युत परियोजना के टरबाइन से बिजली उत्पादन बंद हो गया है, जिससे अब पूरी निर्भरता डीजल जनरेटर पर आ गई है। उन्होंने कहा कि इसके चलते विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिदिन एक घंटे से एक घंटा 45 मिनट तक रोटेशन के आधार पर बिजली कटौती की जा रही है। लगातार बिजली कटौती से किसान, दुकानदार और छोटे व्यवसायी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। किसान अपने खेतों और बागानों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं, वहीं व्यापारिक प्रतिष्ठानों को भी संचालन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मिस्त्री ने चेतावनी दी कि मानसून आने तक स्थिति में सुधार की संभावना कम है, क्योंकि वर्तमान में कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि कार्यपालक अभियंता से बातचीत के बावजूद कोई त्वरित समाधान नहीं दिया गया है और अधिकारियों का कहना है कि बारिश होने तक यही स्थिति बनी रह सकती है। उन्होंने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि इस समस्या का स्थायी और दीर्घकालिक समाधान निकाला जाना चाहिए ताकि हर वर्ष इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा, “यह नई समस्या नहीं है, हर साल होती है और हम चाहते हैं कि प्रशासन इसे स्थायी रूप से हल करे।”

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