

काठमांडू : नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने मंगलवार को कहा कि पिछले सप्ताह तिब्बत सीमा से लगे भोटेकोशी नदी के रास्ते रसुवा में आई विनाशकारी बाढ़ जलवायु परिवर्तन का नतीजा है। उन्होंने कहा कि हिमालयी क्षेत्र का तापमान 1.8 डिग्री सेल्सियस बढ़ने की पुष्टि हुई है।
शाह ने सोशल मीडिया पर कहा कि जलवायु परिवर्तन वैश्विक समस्या है और इससे होने वाली आपदाओं से निपटना भी वैश्विक जिम्मेदारी है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष हिमालय में जलवायु परिवर्तन के बढ़ते खतरे को मजबूती से उठाने की जरूरत बताई।
26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के खिसकने या हिमस्खलन के बाद आई अचानक बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल में भारी तबाही मचाई थी। अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,050 हो गई है, जबकि करीब 4,000 लोग अब भी लापता हैं। इनमें 583 विदेशी और 83 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं।
शाह ने विशेषज्ञों के हवाले से कहा कि हिमालय में ग्लेशियर का बड़ा हिस्सा ऊंचाई से गिरने और तेजी से पिघलने के कारण भोटेकोशी नदी में भीषण बाढ़ आई होगी। उन्होंने कहा कि सरकार बचाव, राहत, पुनर्वास, चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक सहायता के कार्यों में जुटी है।