

मेलबर्न : प्रोग्रामिंग लैंग्वेज पीएचपी (हाइपरटेक्स्ट प्रीप्रोसेसर) में गंभीर सुरक्षा खामी सामने आई है। दुनिया की 70 प्रतिशत से अधिक वेबसाइटों में इस्तेमाल होने वाली इस लैंग्वेज की खामी से लाखों वेबसाइट हैकरों के निशाने पर आ सकती हैं। इसके जरिये हैकर वेबसाइटों पर नियंत्रण करने और सर्वर में मौजूद संवेदनशील जानकारियां हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं। खतरे को देखते हुए यूरोप की कई सरकारों और रॉटरडैम बंदरगाह समेत विभिन्न संस्थानों ने अपनी वेबसाइट अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। ऑस्ट्रेलियाई संचार निदेशालय, अमेरिकी साइबर रक्षा एजेंसी तथा ब्रिटेन, यूरोप और जापान की संबंधित संस्थाओं ने वेब डेवलपरों को तत्काल सुरक्षा अद्यतन लागू करने की सलाह दी है। उन्होंने सुरक्षा सुनिश्चित होने तक वेबसाइटों को इंटरनेट से हटाने पर भी विचार करने को कहा है। पीएचपी के विकास से जुड़े संगठन ने खामी दूर करने के लिए सुरक्षा अद्यतन जारी कर दिया है। हालांकि, दुनियाभर में इसके इस्तेमाल वाले लाखों तंत्रों तक यह अद्यतन पहुंचाने और उसे लागू करने में समय लग सकता है। पीएचपी का उपयोग वेबसाइटों पर लॉगिन, ऑनलाइन खरीदारी, डाटाबेस से जानकारी जुटाने और समाचार पोर्टल संचालित करने में होता है। सर्वर पर काम करने वाली इस लैंग्वेज के कारण करोड़ों उपयोगकर्ता प्रतिदिन अनजाने में इसका इस्तेमाल करते हैं।