

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : बाराटांग क्षेत्र में लंबे समय से जारी बिजली संकट के विरोध में मंगलवार को सैकड़ों स्थानीय निवासियों, पंचायत राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा जनप्रतिनिधियों ने विद्युत विभाग के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और क्षेत्र में नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। प्रदर्शन में खट्टाखाड़ी, नीलांबुर, अदाजिग तथा आसपास के कई गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। दुकानदारों, मछुआरों, पंचायत प्रतिनिधियों तथा स्थानीय लोगों ने लगातार हो रही बिजली कटौती, लंबे समय तक बिजली गुल रहने और कम वोल्टेज की समस्या को लेकर अपनी नाराजगी जताई, जिससे पिछले कई सप्ताह से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण घरेलू उपभोक्ताओं, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, शैक्षणिक संस्थानों तथा विभिन्न आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। कई लोगों ने बताया कि बार-बार होने वाले वोल्टेज उतार-चढ़ाव के कारण उनके विद्युत उपकरण खराब हो गए हैं। दुकानदारों ने शिकायत की कि लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से उनके रेफ्रिजरेटर और फ्रीजर बंद पड़े रहते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं मछुआरों ने कहा कि बर्फ निर्माण और कोल्ड स्टोरेज सुविधाएं प्रभावित होने से उनके व्यवसाय पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। प्रदर्शन तेज होने के बाद रंगत के सहायक आयुक्त तथा विद्युत विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में बाराटांग में स्थापित 500 केवीए क्षमता का डीजल जनरेटर सीमित भार वहन करने में सक्षम है और पूरे क्षेत्र की बिजली आवश्यकता पूरी करने में असमर्थ है। उन्होंने कहा कि इस अत्याधुनिक जनरेटर की मरम्मत के लिए आवश्यक विशेष स्पेयर पार्ट्स मुख्यभूमि से मंगवाने पड़ते हैं, जिसके कारण मरम्मत कार्य में विलंब होता है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि आवश्यक स्पेयर पार्ट्स शीघ्र ही पहुंचने वाले हैं तथा खराब पड़े 500 केवीए जनरेटर की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर कराई जाएगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जहां तकनीकी रूप से संभव होगा वहां कदमतला से बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि मौजूदा स्थिति में सुधार लाया जा सके। इसके अलावा अधिकारियों ने बताया कि अतिरिक्त जनरेटर किराये पर लाने की प्रक्रिया भी जारी है। पूर्व में निविदाओं में कोई बोलीदाता सामने नहीं आने के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी, लेकिन अब नई निविदा 23 जुलाई को खोली जाएगी। इस अवसर पर सहायक आयुक्त ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन विद्युत निदेशक तथा विद्युत सचिव सहित संबंधित अधिकारियों के समक्ष सभी लंबित मुद्दों को उठाएगा। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त जनरेटर की व्यवस्था तथा कम वोल्टेज की स्थायी समस्या के समाधान के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में वोल्टेज की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नए ट्रांसफार्मर की स्थापना के प्रस्ताव को भी आगे बढ़ाया जाएगा।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे उत्तर एवं मध्य अंडमान जिला परिषद अध्यक्ष आर. अलगर स्वामी ने कहा कि लंबे समय से बिजली संकट झेल रहे लोगों की परेशानियों को देखते हुए यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि विभिन्न गांवों के लोग शांतिपूर्ण ढंग से अपनी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखने के लिए एकत्र हुए थे। उन्होंने प्रशासन एवं विद्युत विभाग द्वारा दिए गए आश्वासनों का स्वागत करते हुए कहा कि अब इन घोषणाओं को तय समय सीमा के भीतर धरातल पर लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था में स्पष्ट सुधार दिखाई देगा।
प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि तय समय में वादों को पूरा नहीं किया गया और बिजली आपूर्ति की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में इससे भी बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।