

बिना आभा आईडी नहीं होगा ओपीडी पंजीकरण
सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसे वर्ष 2021 में देशभर में एक एकीकृत एवं समन्वित डिजिटल स्वास्थ्य पारितंत्र स्थापित करने के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया था। इस मिशन का उद्देश्य डिजिटल प्रौद्योगिकी के माध्यम से स्वास्थ्य प्रणाली के विभिन्न हितधारकों के बीच विद्यमान अंतराल को दूर करना तथा स्वास्थ्य आंकड़ों के मानकीकृत एवं सुरक्षित आदान-प्रदान को सक्षम बनाना है। एबीडीएम के अंतर्गत आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा)/हेल्थ आईडी नागरिकों को एक विशिष्ट डिजिटल स्वास्थ्य पहचान प्रदान करता है। इसके माध्यम से व्यक्तिगत स्वास्थ्य अभिलेखों तक सुरक्षित पहुँच प्राप्त होती है तथा रोगी की सहमति के आधार पर उन्हें विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के बीच सहज रूप से साझा किया जा सकता है। केंद्रशासित प्रदेश में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के कार्यान्वयन के क्रम में यह सूचित किया जाता है कि जीबी पंत अस्पताल में अब से सभी बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) पंजीकरण केवल आभा/हेल्थ आईडी के माध्यम से किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य ओपीडी सेवाओं को अधिक तीव्र, रोगियों की पहचान को अधिक सटीक तथा चिकित्सा अभिलेखों के सुरक्षित डिजिटल आदान-प्रदान को सुनिश्चित करना है। जीबी पंत अस्पताल आने वाले रोगियों से अनुरोध किया गया है कि वे ओपीडी पंजीकरण हेतु अपना आभा/हेल्थ आईडी, अथवा उससे लिंक मोबाइल नंबर, अथवा आधार से लिंक मोबाइल नंबर साथ लेकर आएँ। रोगियों की सुविधा बढ़ाने के लिए स्कैन एंड शेयर सुविधा भी जीबी पंत अस्पताल, आरपी अस्पताल, मायाबंदर तथा बीजेआर अस्पताल, कार निकोबार में प्रारंभ की गई है। इस सुविधा के माध्यम से रोगी क्यूआर कोड स्कैन कर ओपीडी टोकन प्राप्त कर सकते हैं, जिससे प्रतीक्षा समय कम होगा और सेवाओं तक शीघ्र पहुँच संभव होगी। उक्त अस्पतालों के ओपीडी पंजीकरण काउंटरों पर समर्पित सहायता कर्मियों की तैनाती की गई है, जो आवश्यकता पड़ने पर रोगियों को स्कैन एंड शेयर तथा आभा निर्माण में सहायता प्रदान करेंगे। इसके अतिरिक्त, जीबी पंत अस्पताल के ओपीडी परिसर में आभा/हेल्थ आईडी निर्माण हेतु पृथक काउंटर स्थापित किया गया है। यह काउंटर सोमवार से शुक्रवार, शाम 3 बजे से शाम 4.30 बजे तक संचालित होगा, जहाँ नियुक्त कर्मचारी आभा निर्माण में सहायता करेंगे।