पुरानी बसें बन रहीं हादसों की वजह, नई बसें नहीं आईं तो और दुर्घटनाएं होंगी : तापस रॉय

पुरानी बसें बन रहीं हादसों की वजह, नई बसें नहीं आईं तो और दुर्घटनाएं होंगी : तापस रॉय
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : रंगत के कालसी क्षेत्र में मंगलवार सुबह हुई एसटीएस बस दुर्घटना के बाद रंगत के जिला परिषद सदस्य तापस रॉय ने उत्तर एवं मध्य अंडमान में लगातार हो रही बस दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य परिवहन सेवा की पुरानी और जर्जर बसें ही इन लगातार हो रहे हादसों का मुख्य कारण हैं। उन्होंने कहा कि जब तक इन पुरानी बसों को हटाकर नई बसें नहीं चलाई जाएंगी, तब तक ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति होती रहेगी। सन्मार्ग से बातचीत करते हुए तापस रॉय ने कहा कि कालसी में हुई ताजा दुर्घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि उत्तर एवं मध्य अंडमान में संचालित पुरानी बसों को तत्काल बदले जाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त बस में यात्रा कर रहे एक यात्री से उन्हें जानकारी मिली कि बस चलते समय सस्पेंशन लीफ स्प्रिंग पैक टूट गया था, जिसके कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। उन्होंने कहा कि यात्री के अनुसार बस के नियंत्रण खोने से पहले उसका सस्पेंशन लीफ स्प्रिंग पैक टूट गया था। चालक ने बस को नियंत्रित करने का पूरा प्रयास किया, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण बस सड़क से उतर गई और दो सुपारी के पेड़ों से टकराकर रुक गई। यदि वे पेड़ वहां नहीं होते तो बस पलट सकती थी और बड़ा हादसा हो सकता था। सौभाग्य से यात्रियों को गंभीर चोटें नहीं आईं। पिछले पंद्रह दिनों में हुई तीसरी राज्य परिवहन सेवा बस दुर्घटना पर चिंता जताते हुए तापस रॉय ने सवाल उठाया कि आखिर इतनी लगातार दुर्घटनाएं क्यों हो रही हैं। उन्होंने कहा कि क्या हर बार केवल चालक को दोषी ठहराना उचित है या फिर इसके पीछे विभागीय रखरखाव व्यवस्था और बसों की स्थिति भी जिम्मेदार है।

उन्होंने कहा कि अपनी व्यक्तिगत जानकारी और स्थानीय स्तर पर की गई पड़ताल के आधार पर उन्हें नहीं लगता कि इन दुर्घटनाओं के लिए केवल चालक या स्थानीय तकनीकी कर्मचारी जिम्मेदार हैं। उनका आरोप है कि श्री विजयपुरम में 12, 13 और 14 वर्ष पुरानी हो चुकी बसों को उत्तर एवं मध्य अंडमान भेज दिया गया है और अब इन्हीं बसों का स्थानीय मार्गों पर संचालन किया जा रहा है। तापस रॉय ने यह भी कहा कि परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी पिछले दो महीनों से लगातार यह आश्वासन दे रहे हैं कि जल्द ही उत्तर एवं मध्य अंडमान के लिए नई बसें उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि लोगों को बार-बार 20 से 25 दिनों के भीतर नई बसें आने की बात कही गई, लेकिन दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक एक भी नई बस क्षेत्र में नहीं पहुंची है, जबकि दुर्घटनाएं लगातार जारी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रत्येक दुर्घटना के बाद विभाग बसों की खराब स्थिति पर ध्यान देने के बजाय चालक या सड़क की स्थिति को जिम्मेदार ठहराने का प्रयास करता है। उन्होंने कहा कि पहले सड़कें इससे भी अधिक खराब थीं, फिर भी इतनी लगातार दुर्घटनाएं नहीं होती थीं। अब कई स्थानों पर सड़कों की स्थिति पहले से बेहतर हुई है, लेकिन पुरानी बसें अब भी चल रही हैं। जब तक इन्हें बदला नहीं जाएगा, तब तक आगे भी ऐसे हादसे होने की आशंका बनी रहेगी। तापस रॉय ने यह भी कहा कि हाल के सभी प्रमुख हादसों में पुरानी बसें ही शामिल रही हैं, जबकि नई बसों से ऐसी घटनाएं सामने नहीं आई हैं। उन्होंने परिवहन विभाग से मांग की कि उत्तर एवं मध्य अंडमान में तत्काल नई बसें भेजी जाएं तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।


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